NITI Aayog Meeting: पीएम मोदी की मौजूदगी में हेमंत सोरेन ने रखीं झारखंड की प्राथमिकताएं, केंद्र से मांगा सहयोग
नई दिल्ली/रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शनिवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने झारखंड की चार करोड़ से अधिक जनता की आकांक्षाओं और राज्य की विकास संबंधी प्राथमिकताओं को केंद्र सरकार के समक्ष रखा।
बैठक में मुख्यमंत्री ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, रोजगार, कृषि, खेल, जलवायु परिवर्तन, उद्योग और डेटा आधारित सुशासन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर झारखंड का पक्ष मजबूती से रखा। साथ ही राज्य के समग्र विकास के लिए केंद्र सरकार से आवश्यक सहयोग की मांग की।

प्रमुख बातें
- नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में शामिल हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन।
- पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक।
- शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और कौशल विकास पर दिया जोर।
- केंद्र से लंबित देयताओं और विकास परियोजनाओं में सहयोग का आग्रह।
- झारखंड को संसाधनों के स्रोत से विकास के साझेदार के रूप में स्थापित करने की बात कही।
झारखंड के विकास का रखा विजन
बैठक के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड ने वर्षों से देश को खनिज संपदा, प्राकृतिक संसाधन और श्रमशक्ति के माध्यम से ऊर्जा प्रदान की है। अब समय आ गया है कि राज्य की खनिज संपदा को मानव पूंजी, शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास से जोड़कर विकास की नई कहानी लिखी जाए।
उन्होंने कहा कि झारखंड केवल खनिज उत्पादन करने वाला राज्य नहीं है, बल्कि देश के विकास में एक मजबूत भागीदार बनने की क्षमता रखता है।
शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने बैठक में आंगनबाड़ी सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को राज्य की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल बताया। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं राज्य के सतत विकास की आधारशिला हैं।
इसके अलावा खेल अवसंरचना के विकास और युवाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।
केंद्र सरकार से मांगा सहयोग
हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार से शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल अवसंरचना के विकास के लिए सहयोग का आग्रह किया। इसके साथ ही जल जीवन मिशन, लंबित वित्तीय देयताओं, जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) में सुधार, डेटा साझाकरण और औद्योगिक विकास से जुड़े मुद्दों को भी बैठक में उठाया।
उन्होंने कहा कि राज्य के विकास को गति देने के लिए केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।
रोजगार और औद्योगिक विकास पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में उद्योग और रोजगार को एक-दूसरे से जोड़ना समय की आवश्यकता है। राज्य में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए और इसके लिए सामाजिक न्याय को विकास की प्रक्रिया से जोड़ना जरूरी है।
विकसित भारत 2047 में झारखंड की भूमिका
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में झारखंड महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य को केवल संसाधनों के स्रोत के रूप में नहीं, बल्कि विकास के सशक्त साझेदार के रूप में देखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि खनिज संपदा को मानव संपदा से, उद्योग को रोजगार से और विकास को सामाजिक न्याय से जोड़ना ही राज्य सरकार का संकल्प है।
निष्कर्ष
नीति आयोग की बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड के विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों को राष्ट्रीय मंच पर उठाया। शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और रोजगार जैसे क्षेत्रों पर फोकस के साथ राज्य के लिए केंद्र सरकार से सहयोग की मांग की गई। आने वाले समय में इन मांगों पर केंद्र की प्रतिक्रिया और राज्य को मिलने वाले सहयोग पर नजर रहेगी।
