मृतक कर्मी के परिवार की अनदेखी बर्दाश्त नहीं करेगा संघ : अजय राय, आश्रित को नौकरी समेत 3 मांगों को लेकर ज्ञापन
रांची में झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ ने मृत कर्मी जगन्नाथ मुंडा के परिवार के रोजगार और आर्थिक हितों का मुद्दा उठाया है। संघ के केंद्रीय अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने संचरण जोन-1 के महाप्रबंधक अनिल कुमार भारतीयंम से मुलाकात कर तीन सूत्री मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
प्रमुख बातें
- मृत कर्मी जगन्नाथ मुंडा के स्थान पर आश्रित को काम देने की मांग
- बॉबी बेदिया या प्रियंका हास्सा को रोजगार का अवसर देने का आग्रह
- मृतक कर्मी की EPF राशि जल्द जारी करने की मांग
- आश्रितों की सहमति/NOC के बिना दूसरे व्यक्ति को नियोजित नहीं करने की मांग
- संघ ने कहा- परिवार के हितों की अनदेखी हुई तो आंदोलन और कानूनी कदम उठाए जाएंगे
मृत कर्मी के परिवार के रोजगार का मुद्दा
झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ के केंद्रीय अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने संचरण जोन-1 के महाप्रबंधक अनिल कुमार भारतीयंम से मुलाकात की। इस दौरान जापुत 132/33 केवी ग्रिड, खूंटी में कार्यरत रहे स्वर्गीय जगन्नाथ मुंडा के निधन के बाद उनके परिवार के सामने उत्पन्न रोजगार और आर्थिक संकट का मुद्दा उठाया गया।
प्रतिनिधिमंडल ने महाप्रबंधक को तीन सूत्री मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। इस दौरान डीजीएम राजीव कुमार भी मौजूद रहे।
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13 अगस्त को इलाज के दौरान हुई थी मौत
संघ के अनुसार, जगन्नाथ मुंडा की 13 अगस्त 2026 को इलाज के दौरान मौत हो गई थी। संघ का कहना है कि उनके निधन के बाद परिवार के सामने रोजगार और आर्थिक संकट की स्थिति पैदा हो गई है।
इसी को देखते हुए संघ ने मृत कर्मी के स्थान पर परिवार के किसी आश्रित को काम देने की मांग उठाई है।
भांजे या बहन को रोजगार देने की मांग
संघ ने मांग की है कि स्वर्गीय जगन्नाथ मुंडा के स्थान पर परिवार की सहमति से उनके भांजे बॉबी बेदिया अथवा उनकी बहन प्रियंका हास्सा को कार्य का अवसर दिया जाए।
संघ का कहना है कि इससे मृत कर्मी के परिवार को रोजगार का सहारा मिल सकेगा और परिवार के सामने पैदा हुए आर्थिक संकट को कम करने में मदद मिलेगी।
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EPF की राशि जल्द जारी करने की मांग
ज्ञापन में मृत कर्मी की EPF राशि शीघ्र जारी करने की मांग भी की गई है। इसके अलावा संघ ने भविष्य के लिए स्पष्ट व्यवस्था बनाने की मांग की है।
संघ के मुताबिक, किसी दैनिक वेतनभोगी या आउटसोर्स कर्मी की मृत्यु होने की स्थिति में उसके परिवार या वैध आश्रित से जानकारी और आवश्यक सहमति/NOC की प्रक्रिया पूरी किए बिना उसके स्थान पर किसी दूसरे व्यक्ति को नियोजित नहीं किया जाना चाहिए।
अजय राय बोले- परिवार की अनदेखी स्वीकार नहीं
अजय राय ने कहा कि किसी कर्मी की मौत केवल उसकी नौकरी खत्म होने का मामला नहीं है, बल्कि उसके परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट भी खड़ा हो जाता है। ऐसे में विभाग और संबंधित आउटसोर्स एजेंसी की जिम्मेदारी है कि मृत कर्मी के परिवार से संवाद करे और उनके हितों का ध्यान रखे।
उन्होंने आरोप लगाया कि जगन्नाथ मुंडा के निधन के बाद उनके परिवार से बातचीत करना तक विभाग और आउटसोर्स एजेंसी ने जरूरी नहीं समझा। राय ने कहा कि परिवार की जानकारी और सहमति के बिना मृत कर्मी के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को रखने का मामला श्रमिक हितों के लिहाज से गंभीर है।
जरूरत पड़ी तो सरकार तक मामला ले जाएगा संघ
अजय राय ने कहा कि झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ इस मामले में चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने कहा कि मृत कर्मी के परिवार के साथ अन्याय होने पर संघ उनके साथ मजबूती से खड़ा रहेगा।
उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर मामले को संबंधित विभागीय अधिकारियों से लेकर सरकार के सक्षम स्तर तक उठाया जाएगा। साथ ही श्रमिक हितों की रक्षा के लिए आवश्यक लोकतांत्रिक और कानूनी कदम उठाने की बात भी कही।
आउटसोर्स कर्मियों के लिए स्पष्ट व्यवस्था की मांग
संघ ने आउटसोर्स एजेंसियों के कामकाज को लेकर भी स्पष्ट व्यवस्था बनाने की मांग की है। इसके तहत किसी कर्मी की मृत्यु होने पर उसके आश्रितों की जानकारी, सहमति/NOC, लंबित वेतन, EPF और अन्य देयताओं के निपटारे की प्रक्रिया निर्धारित करने की मांग की गई है।
संघ ने महाप्रबंधक से जगन्नाथ मुंडा के मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर परिवार को न्याय दिलाने और आश्रित को रोजगार देने के संबंध में सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया है।
श्रमिक हितों से समझौता नहीं : अजय राय
अजय राय ने कहा कि श्रमिकों के अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मृत कर्मियों के परिवारों को उनके अधिकारों के लिए अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।
