अल्पसंख्यक समाज के मुद्दों पर झारखंड मुस्लिम युवा मंच का प्रतिवाद मार्च, सरकार को सौंपा मांग पत्र
मुख्य बिंदु :
झारखंड मुस्लिम युवा मंच ने अल्पसंख्यक समाज के अधिकारों को लेकर किया प्रतिवाद मार्च
मदरसा बोर्ड, उर्दू शिक्षा बोर्ड, और उर्दू स्कूलों की बहाली प्रमुख मांग
आलिम फाजिल डिग्री की मान्यता रद्द करने के फैसले पर पुनर्विचार की मांग
झारखंड में मॉब लिंचिंग कानून लागू करने की अपील
सरकार को चेतावनी — कार्रवाई नहीं हुई तो चरणबद्ध आंदोलन होगा शुरू
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रांची, 2 नवंबर 2025
अल्पसंख्यक समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर झारखंड मुस्लिम युवा मंच और अन्य सामाजिक संगठनों ने आज राजधानी रांची में प्रतिवाद मार्च का आयोजन किया। यह मार्च दोपहर 3 बजे लॉ यूनिवर्सिटी, रिंग रोड, कांके से प्रारंभ होकर कांके बाजार ताड़ चौक तक निकाला गया। मार्च में राज्य के विभिन्न जिलों से सैकड़ों लोग शामिल हुए और अपने मांग पत्र राज्य सरकार को सौंपे।
मुख्य मांगें: आलिम फाजिल डिग्री, मदरसा बोर्ड, उर्दू स्कूल और मॉब लिंचिंग कानून
प्रतिवाद मार्च के दौरान संगठन ने चार प्रमुख मांगें रखीं –
1. आलिम फाजिल डिग्री की मान्यता बहाल की जाए, जिसे झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) ने असंवैधानिक बताकर रद्द किया है।
2. मदरसा बोर्ड और उर्दू शिक्षा बोर्ड का गठन किया जाए, क्योंकि झारखंड राज्य गठन के 25 वर्ष बाद भी यह बोर्ड अस्तित्व में नहीं आया।
3. 544 उर्दू स्कूलों का स्टेटस तत्काल बहाल किया जाए, ताकि उर्दू शिक्षा प्रणाली फिर से सक्रिय हो सके।
4. राज्य में मॉब लिंचिंग कानून लागू किया जाए, ताकि अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
सरकार के प्रति नाराज़गी, कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी
मुस्लिम युवा मंच के अध्यक्ष मोहम्मद शाहिद अय्यूबी ने कहा कि सरकार इन मुद्दों पर वर्षों से चुप है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो मंच राज्यव्यापी चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगा।

मंच के महासचिव समीर अली उर्फ मुन्ना ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि झारखंड में उर्दू भाषा और मुस्लिम शिक्षा संस्थानों के साथ सौतेला व्यवहार हो रहा है। उन्होंने कहा कि उर्दू दूसरी राजभाषा होने के बावजूद स्कूलों से नेम प्लेट तक हटा दिए गए हैं और कई जगह स्कूलों के नाम तक बदल दिए गए हैं। यहां तक कि शुक्रवार की साप्ताहिक छुट्टी भी समाप्त कर दी गई है, जिससे मुस्लिम विद्यार्थी अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से दूर हो रहे हैं।
शांति पूर्ण तरीके से हुआ मार्च
मार्च में शामिल लोग लॉ यूनिवर्सिटी से पैदल चलकर शाम 5 बजे कांके बाजार ताड़ चौक पहुंचे। वहां आयोजित सभा में मंच के पदाधिकारियों ने सरकार से मांग की कि अल्पसंख्यक समाज से जुड़े सभी मुद्दों पर जल्द ठोस निर्णय लिया जाए। प्रतिनिधिमंडल ने मौके पर नियुक्त मजिस्ट्रेट को मांग पत्र भी सौंपा ताकि सरकार तक उनकी बात पहुंच सके।
मीडिया का आभार और सहयोग का अनुरोध
मुस्लिम युवा मंच ने हिंदी, उर्दू, अंग्रेजी और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का आभार व्यक्त किया। मंच ने उम्मीद जताई कि मीडिया इस आंदोलन की आवाज़ सरकार तक पहुंचाएगा।
मार्च में शामिल प्रमुख लोग
इस अवसर पर मंच के अध्यक्ष मोहम्मद शाहिद अय्यूबी, महासचिव समीर अली उर्फ मुन्ना, तौफीक अंसारी, हसीबुल अंसारी, इम्तियाज, आफताब अली हैदर बंटी, शाकिब अंसारी, आबिद हुसैन, सद्दाम अंसारी, गफ्फार अंसारी, अख्तर रजा, और ऑल झारखंड एकता मंच के अशफाक खान, मुंतज़िर आलम, एनुअल हक अंसारी सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
