मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना में घुसपैठिए बेनकाब, बंगाल के लाभुकों पर FIR.

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मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना में फर्जीवाड़े का पर्दाफाश, 180 अयोग्य लाभुकों को नोटिस, FIR दर्ज

मुख्य बिंदु:

  • महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए शुरू हुई थी मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना

  • शुरुआती राशि ₹1000 से बढ़ाकर ₹2500 की गई

  • बोकारो में बंगाल के लोगों द्वारा गलत तरीके से लिया जा रहा था लाभ

  • लोहरदगा के कैरो प्रखंड में 180 अयोग्य लाभुकों को भेजा गया नोटिस

  • समय पर राशि नहीं लौटाने पर होगी कानूनी कार्रवाई



योजना का उद्देश्य और बढ़ी हुई सहायता राशि

झारखंड सरकार ने राज्य की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के अंतर्गत शुरुआत में पात्र महिलाओं को प्रति माह ₹1000 की सहायता दी जाती थी, जिसे बाद में बढ़ाकर ₹2500 प्रति माह कर दिया गया।

वर्तमान में सरकार लाभुक महिलाओं के खाते में दो महीने की राशि एक साथ ट्रांसफर कर रही है, ताकि वे किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में आर्थिक रूप से सशक्त बनी रहें।

बोकारो में बंगाल के लोगों ने लिया लाभ, FIR दर्ज

इस योजना के संचालन के बीच फर्जीवाड़े के मामले भी सामने आने लगे हैं। बोकारो जिले के गोमिया क्षेत्र में ऐसी ही एक घटना प्रकाश में आई है, जहां पश्चिम बंगाल के निवासियों द्वारा गलत तरीके से योजना का लाभ उठाया गया। मामले का खुलासा होते ही प्रशासन ने एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।



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लोहरदगा के कैरो प्रखंड में 180 अयोग्य लाभुकों की सूची

लोहरदगा जिले के कैरो प्रखंड में भी इस योजना में फर्जी तरीके से लाभ लेने वाले 180 लोगों की पहचान की गई है। प्रखंड प्रशासन ने सभी अयोग्य लाभुकों को प्रखंड कार्यालय और थाना के माध्यम से नोटिस जारी कर दिया है।

इन लाभुकों को निर्देश दिया गया है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अनधिकृत रूप से ली गई राशि वापस करें, अन्यथा उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए वसूली की जाएगी

पंचायतवार लाभुकों को भेजे गए नोटिस

  • कैरो पंचायत: 52 लाभुकों को नोटिस

  • नरौली पंचायत: 35 लाभुक

  • सढ़ाबे पंचायत: 29 लाभुक

  • हनहट पंचायत: 34 लाभुक

  • गजनी पंचायत: 12 लाभुक

  • गुड़ी पंचायत: 18 लाभुक

प्रशासन ने इन सभी लाभुकों को सख्त निर्देश दिया है कि वे अविलंब राशि जमा करें, ताकि योजना का दुरुपयोग रोका जा सके।

प्रशासन की सख्ती, समयसीमा के बाद कानूनी कार्रवाई तय

इस पूरे मामले पर प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) छंदा भट्टाचार्य ने कहा है,

“जो लाभुक योजना के योग्य नहीं थे, उन्हें नोटिस जारी कर राशि लौटाने का निर्देश दिया गया है। यदि समयसीमा के भीतर धनराशि वापस नहीं की जाती है, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर राशि की वसूली की जाएगी।”

मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना महिला सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण प्रयास है, लेकिन फर्जी लाभार्थियों द्वारा इसका दुरुपयोग न केवल योजनाओं की विश्वसनीयता को ठेस पहुंचाता है, बल्कि असली जरूरतमंदों का अधिकार भी छीना जाता है। प्रशासन की यह सक्रियता सराहनीय है और यह उम्मीद जगाती है कि सरकारी योजनाओं को ईमानदारी से क्रियान्वित किया जाएगा।

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