झारखंड में 26001 शिक्षकों की बहाली प्रक्रिया जारी है। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने आचार संहिता के बीच हिंदी विषय की परीक्षा भी ले ली है। इस बीच सहायक आचार्य की परीक्षा में सभी सहायक अध्यापकों (पारा शिक्षकों) को शामिल करने की मांग उठी है। आकलन सफल सह प्रशिक्षित सहायक अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष ऋषिकांत तिवारी ने कहा है कि, सहायक अध्यापक सहायक आचार्य बनने की सभी अहर्ता पूरी करते हैं। सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा भी स्पष्ट किया गया है कि, साल 2010 से पहले नियुक्त पारा शिक्षकों पर टेट की परीक्षा लागू नहीं होती है।

ऋषिकांत तिवारी ने कहा कि, कहने के तो हम पारा शिक्षक झारखण्ड की शिक्षा व्यवस्था की रीड़ हैं। भविष्य नवनिर्माता हैं| परन्तु हमारा खुद का भविष्य गर्त में दिख रहा है| कोई भी सरकार सत्ता में आने के पूर्व हमारे उज्जवल भविष्य की हसीन सपने दिखाती है| हमारी भावनाओं के साथ खेलती है। सत्ता में आते ही हमें सरकारी तंत्र के फाइलों के चक्रव्युह में फंसा कर रख देती है |
संघ की ओर से ऋषिकांत तिवारी ने कहा कि, चंपई सोरेन सरकार को चाहिए कि, तमाम आकलन सफल सहायक अध्यापकों को सहायक आचार्य की परीक्षा में शामिल होने का मौका दे। साथ ही चुनाव से पूर्व वेतनमान को लेकर जो वादा किया गया उसे पूरा करे। साथ ही आकलन त्रुटि, आकलन प्रमाण पत्र, दूसरे आकलन का जल्द आयोजन, शहरी क्षेत्र के चिकित्सा अवकाश, 4% मानदेय बढ़ोतरी, 2021 के उपरांत मृत सहायक अध्यपकों के आश्रितों को एक मुश्त 5 लाख की राशि, अनुकम्पा का लाभ, 2021 के बाद रिटायर शिक्षकों को 4 लाख की एकमुश्त राशि दी जाए। सरकार ने अगर समय रहते इन समस्याओं का निदान नहीं किया तो आने वाले दिनों में ज़ोरदार आंदोलन किया जाएगा।
