झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन का आकस्मिक निधन, पूरे राज्य में शोक की लहर
मुख्य बातें
झारखंड के शिक्षा मंत्री एवं घाटशिला विधायक रामदास सोरेन का दिल्ली के अस्पताल में निधन
15 अगस्त के दिन राज्य ने खोया एक बड़ा राजनीतिक व्यक्तित्व
10 हजार से अधिक शिक्षक-कर्मचारियों ने गहरा शोक व्यक्त किया
वितरहित मोर्चा ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए परिवार को दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की
दिल्ली के अस्पताल में हुआ निधन
झारखंड के शिक्षा मंत्री और घाटशिला से विधायक रामदास सोरेन का 15 अगस्त 2025 को दिल्ली स्थित एक अस्पताल में आकस्मिक निधन हो गया। यह खबर सामने आते ही पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई। स्वतंत्रता दिवस के दिन राज्य ने अपने एक अनुभवी और जनप्रिय नेता को खो दिया।
शिक्षकों और कर्मचारियों में शोक
रामदास सोरेन के निधन की सूचना मिलते ही राज्य के लगभग 10 हजार शिक्षक और कर्मचारी शोकाकुल हो उठे। शिक्षक समुदाय ने इसे शिक्षा जगत और झारखंड की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
वितरहित मोर्चा ने दी श्रद्धांजलि
वितरहित मोर्चा के नेताओं और सदस्यों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। मोर्चा ने परिवार को इस कठिन समय में दुख सहने की शक्ति देने की कामना की।
मोर्चा की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में कुंदन कुमार सिंह, रघुनाथ सिंह, हरिहर प्रसाद कुशवाहा, फजलुल कदीर अहमद, देवनाथ सिंह, अरविंद सिंह, मनीष कुमार, नरोत्तम सिंह, गणेश महतो, संजय कुमार, बिरसौ उरांव, रेशमा बेक, मनोज तिर्की, रणजीत मिश्रा, रघु विश्वकर्मा, मनोज कुमार समेत सभी साथीगण शामिल रहे।
राज्य की राजनीति को बड़ी क्षति
रामदास सोरेन के निधन से झारखंड की राजनीति को बड़ा झटका लगा है। वे न केवल एक सक्रिय मंत्री रहे, बल्कि घाटशिला क्षेत्र की जनता के बीच गहरी पकड़ रखते थे। राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने भी इसे राज्य के लिए बड़ी क्षति बताया।
