मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर किसान संतोष मरांडी को सराहा.

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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के ट्विटर हैंडल से साझा हुई सफलता की कहानी: जामताड़ा के किसान संतोष मरांडी की मेहनत रंग लाई

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने ट्विटर हैंडल से जामताड़ा जिले के कुंडहित प्रखंड के बारमसिया गांव के किसान संतोष मरांडी की प्रेरणादायक सफलता की कहानी को साझा किया है। यह कहानी एक साधारण किसान की मेहनत, लगन और सरकारी योजनाओं के सही लाभ से जुड़ी है, जिसने अपने जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

किसान संतोष मरांडी
जामताड़ा के किसान संतोष मरांडी की कहानी

भूमि होने के बावजूद कठिनाई भरा था जीवन

संतोष मरांडी के पास कृषि के लिए जमीन तो थी, लेकिन वे केवल सीमित भूमि पर ही खेती कर पाते थे। कम वर्षा के कारण उनकी फसल अच्छी नहीं होती थी, जिससे उन्हें अक्सर आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता था। कृषि उनके जीविकोपार्जन का मुख्य साधन होने के बावजूद, परिस्थितियां उनके पक्ष में नहीं थीं।



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मनरेगा अंतर्गत बिरसा हरित ग्राम योजना ने बदली स्थिति

संतोष मरांडी को मनरेगा की बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत सहायता मिली, जिसने उनकी खेती के स्वरूप को पूरी तरह बदल दिया। अब वे आम के पेड़ों की देखभाल कर रहे हैं, जो फल-फूल रहे हैं और आमों से लदे हैं। इन आमों को बेच कर उन्हें अच्छी आमदनी हो रही है, जो उनके जीवन में स्थिरता लेकर आई है।

मिश्रित खेती से बढ़ी आय

आम की खेती के अलावा संतोष मरांडी ने बागवानी में मिश्रित खेती को अपनाया है, जिसमें वे सब्जियों का भी उत्पादन कर रहे हैं। इससे उनकी आय में और वृद्धि हुई है और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनते जा रहे हैं।

यह कहानी बताती है कि सही सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर और कड़ी मेहनत के साथ कोई भी व्यक्ति अपनी परिस्थितियों को बदल सकता है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा साझा की गई यह सफलता झारखंड के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत है, जो विपरीत परिस्थितियों में भी आशा और सफलता की उम्मीद रख सकते हैं।

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