वाराणसी में 30 लाख के इनामी नक्सली कमांडर बृजेश गंझू का एनकाउंटर, यूपी ATS की कार्रवाई
वाराणसी/रांची: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में यूपी एटीएस ने झारखंड के प्रतिबंधित नक्सली संगठन तृतीय प्रस्तुति कमेटी (टीपीसी) के कमांडर बृजेश सिंह गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता को मुठभेड़ में मार गिराया है। बृजेश पर झारखंड सरकार और राष्ट्रीय जांच एजेंसी की ओर से कुल 30 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
प्रमुख बातें
- वाराणसी के रामनगर क्षेत्र में हुई मुठभेड़
- टीपीसी कमांडर बृजेश गंझू की मौत
- झारखंड सरकार ने 25 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था
- एनआईए की ओर से 5 लाख रुपये का इनाम था
- एनआईए की वांछित सूची में शामिल था बृजेश गंझू
- मुठभेड़ के दौरान एटीएस के दो जवानों की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी गोली
- अस्पताल ले जाने के बाद डॉक्टरों ने बृजेश को मृत घोषित किया
रामनगर में हुई मुठभेड़
जानकारी के मुताबिक, यूपी एटीएस को सूचना मिली थी कि बृजेश गंझू अपने एक साथी के साथ मोटरसाइकिल से वाराणसी के रामनगर इलाके से मुगलसराय की ओर जा रहा है। इसके बाद एटीएस की टीम ने रामनगर थाना क्षेत्र में घेराबंदी की।
एटीएस के अनुसार, टीम ने मोटरसाइकिल सवार बृजेश को रुकने का इशारा किया। आरोप है कि उसने पुलिस टीम पर गोलीबारी शुरू कर दी। इसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी। घायल बृजेश को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
एटीएस के दो जवानों की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी गोली
मुठभेड़ के दौरान बृजेश की ओर से की गई गोलीबारी में यूपी एटीएस के डिप्टी एसपी विपिन राय और हेड कांस्टेबल नितेंद्र कृष्ण की बुलेटप्रूफ जैकेट पर भी गोली लगी। बुलेटप्रूफ जैकेट होने के कारण दोनों सुरक्षित रहे।
बृजेश गंझू पर था 30 लाख रुपये का इनाम
झारखंड पुलिस की अद्यतन इनामी सूची में ब्रजेश सिंह गंझु उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता उर्फ सरकार को टीपीसी का सुप्रीमो बताया गया था और उस पर झारखंड सरकार की ओर से 25 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
इसके अलावा एनआईए की वांछित सूची में गोपाल सिंह भोक्ता उर्फ बृजेश गंझू का नाम दर्ज है। एनआईए से जुड़े मामलों में उसके खिलाफ वांछित होने की जानकारी उपलब्ध है।
टेरर फंडिंग मामले में भी वांछित था
बृजेश गंझू का नाम झारखंड के टंडवा क्षेत्र से जुड़े टेरर फंडिंग मामले में भी सामने आया था। उपलब्ध न्यायिक रिकॉर्ड में उसके खिलाफ टंडवा मामले में आरोपों और बाद में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की धाराएं जोड़े जाने का उल्लेख मिलता है।
चतरा का रहने वाला था बृजेश गंझू
बृजेश सिंह गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता झारखंड के चतरा जिले के लावालौंग क्षेत्र का रहने वाला बताया गया है। झारखंड पुलिस की सूची में भी उसका पता लावालौंग, चतरा दर्ज है।
वाराणसी में हुई इस कार्रवाई के बाद यूपी एटीएस और झारखंड से जुड़े सुरक्षा तंत्र के स्तर पर आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है।
