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राजधानी रांची की बिजली व्यवस्था ध्वस्त, भ्रष्ट अफसरों पर अजय राय का सीधा हमला.

झारखंड/बिहार

राजधानी की बिजली व्यवस्था ध्वस्त – भ्रष्टाचार में जमे अफसर ही असली अपराधी : अजय राय

प्रमुख बिंदु

  • 5–5 साल से एक ही पद पर जमे अफसर, नियमों की अनदेखी

  • झूठे बकाया बिलों से उपभोक्ताओं पर करोड़ों का बोझ

  • राजधानी के इलाकों में रोज़ाना 5–6 घंटे तक कटौती

  • मुख्यमंत्री से उच्चस्तरीय समीक्षा और कार्रवाई की मांग

  • कार्रवाई नहीं होने पर श्रमिक संघ का सड़क से सदन तक आंदोलन का ऐलान



राजधानी की बिजली व्यवस्था पर सवाल

रांची, 08 सितंबर 2025- झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ के अध्यक्ष अजय राय ने राजधानी रांची की बिजली व्यवस्था को “पूरी तरह ध्वस्त और भ्रष्टाचार से ग्रसित” बताते हुए विभागीय अफसरों पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि रांची के लोग रोज़ अंधेरे में जीने को मजबूर हैं, जबकि अफसर मलाई काट रहे हैं।

एक ही कुर्सी पर जमे अफसर

राय ने गंभीर आरोप लगाया कि कार्यपालक अभियंता, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर बीते 5 सालों से राजधानी में जमे हुए हैं। 3 साल की नियमावली को ताक पर रखकर ये अधिकारी रांची एरिया बोर्ड से हटने का नाम नहीं लेते। उन्होंने सवाल उठाया –
“क्या सरकार इतनी कमजोर हो चुकी है कि इन अफसरों को हटा भी नहीं सकती? आखिर किसके संरक्षण में ये अधिकारी एक ही जगह टिके हुए हैं?”

उपभोक्ताओं पर लूट का आरोप

संघ अध्यक्ष ने विभाग पर उपभोक्ताओं को लूटने के गंभीर आरोप लगाए। उनके अनुसार –

  • लोगों को डेढ़ साल के मनमाने बिजली बिल थमा दिए जा रहे हैं।

  • किसी पर 2 लाख तो किसी पर 5 लाख तक का झूठा बकाया चढ़ा दिया जा रहा है।

  • गरीब परिवारों और छोटे दुकानदारों पर करोड़ों रुपये तक के फर्जी बिल थोपे जा रहे हैं।

  • बिना नोटिस और सुनवाई के कनेक्शन काट दिए जाते हैं।

  • स्मार्ट मीटर के नाम पर खुली वसूली हो रही है लेकिन शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं।

राजधानी में बिजली संकट की स्थिति

अजय राय ने कहा कि हिनू, डोरंडा, बूटी मोड़, लालपुर, कोकर, कांके रोड, रातू रोड, कांटाटोली, चुटिया, HEC और धुर्वा जैसे इलाकों में रोज़ाना 5–6 घंटे तक अंधाधुंध कटौती हो रही है। उन्होंने कहा कि “पूरे शहर में त्राहिमाम की स्थिति है लेकिन अफसर कान में तेल डालकर बैठे हैं।”

मुख्यमंत्री से कड़ी कार्रवाई की मांग

श्रमिक संघ ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से तीन प्रमुख मांगें रखीं –

  1. राजधानी की बिजली व्यवस्था पर तत्काल उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हो।

  2. 3 साल से जमे अफसरों को हटाकर उनकी भूमिका की जांच की जाए।

  3. उपभोक्ता समस्याओं के समाधान के लिए विशेष टास्क फोर्स गठित किया जाए।

आंदोलन की चेतावनी

राय ने स्पष्ट कहा कि यदि सरकार ने अब भी ठोस कार्रवाई नहीं की तो श्रमिक संघ राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ेगा। उन्होंने कहा –
“अब जनता अंधेरे में जीने को मजबूर नहीं रहेगी। भ्रष्ट अफसरों और बिजली माफिया का चेहरा बेनकाब किया जाएगा। यह लड़ाई सड़क से सदन तक आर-पार की होगी।”

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