SIR law Jharkhand Irfan Ansari news

S.I.R. पर सियासी तूफ़ान: इरफ़ान बोले- “किसी कीमत पर लागू नहीं होने देंगे”

झारखंड/बिहार ताज़ा ख़बर राष्ट्रीय ख़बर

झारखंड में S.I.R. लागू करने का विरोध तेज़, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी का बड़ा बयान

मुख्य बिंदु 
● मंत्री इरफान अंसारी ने S.I.R. को झारखंड में “काला कानून” बताया
● भाजपा पर देश को बांटने और अधिकार छीनने का आरोप
● बिहार के बाद बंगाल, असम और झारखंड में S.I.R. लागू करने की आशंका
● दलित–आदिवासी–अल्पसंख्यकों पर असर को लेकर चिंता
● कांग्रेस और JMM नेताओं के संदेश को अपनाने की अपील
● “S.I.R. किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने दिया जाएगा” – इरफ़ान अंसारी


झारखंड में S.I.R. को लेकर सियासी उबाल

रांची- झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने S.I.R. को राज्य में लागू करने की संभावना पर कड़ी आपत्ति जताते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि झारखंड में इस कानून को “किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने दिया जाएगा।”

इरफान अंसारी ने इसे जनता के अधिकारों पर सीधा हमला बताते हुए राज्य की सभी लोकतांत्रिक ताकतों से एकजुट होकर लड़ने की अपील की।

“भाजपा देश को बांटने की राजनीति कर रही है” — इरफान अंसारी

मंत्री ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार देश में वैसी ही नीतियाँ लागू कर रही है जैसी ब्रिटिश शासन ने जनता पर थोपी थीं। उनके अनुसार—

“यह सरकार जल, जंगल, जमीन और वोट के अधिकार पर हमला कर रही है। जैसे अंग्रेजों ने बंदूक की नोक पर अधिकार छीने थे, वैसी ही नीतियाँ भाजपा लागू कर रही है। S.I.R. इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।”

https://newsmonitor.in/jmms-sharp-attack-those-who-speak-on-maiyaan-samman-should-first-see-their-own-defeat/

बिहार में लागू, अब लक्ष्य बंगाल–असम–झारखंड?

इरफान अंसारी ने दावा किया कि S.I.R. को पहले बिहार में लागू कराया गया और उसे राजनीतिक तौर पर इस्तेमाल कर सरकार बनाई गई। अब इसी मॉडल को बंगाल, असम और झारखंड में लागू करने की तैयारी बताई जा रही है।

उन्होंने चेतावनी दी कि इसका सबसे बड़ा नुकसान झारखंड के दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यक समुदायों को होगा, जिनके पास जमीन संबंधी दस्तावेज नहीं हैं।

“यह भाजपा की सोची-समझी रणनीति, करोड़ों लोग प्रभावित होंगे”

मंत्री ने कहा कि जमीन के कागज़ माँगने की प्रक्रिया में लाखों परिवार प्रभावित हो जाएंगे, जिससे भाजपा को राजनीतिक फायदा मिलता दिख रहा है।

“यह पूरी तरह एक सोची-समझी चाल है। अगर S.I.R. लागू हुआ तो सबसे ज्यादा चोट झारखंड की मूल आबादी को लगेगी।”

कांग्रेस–JMM नेतृत्व के संदेश को अपनाने की अपील

इरफान अंसारी ने अपनी अपील में कांग्रेस और JMM के शीर्ष नेताओं का भी उल्लेख किया।

JMM से भी एकजुट होकर मैदान में उतरने की अपील

इरफान अंसारी ने कहा कि JMM एक आंदोलन से जन्मी पार्टी है, इसलिए सुप्रीमो हेमंत सोरेन से भी आग्रह है कि वे S.I.R. के खिलाफ ज़मीन पर उतरकर बड़ा आंदोलन खड़ा करें।

“यह झारखंड की मिट्टी और पहचान से जुड़ी लड़ाई है। हमें जनता के अधिकारों की रक्षा करनी है।”

“झारखंड को बचाना है तो S.I.R. रोकना होगा”

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ राजनीतिक नहीं बल्कि अस्तित्व और पहचान की है। उन्होंने राज्य की जनता से एकजुट होकर लोकतांत्रिक विरोध करने की अपील की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *