मुख्य बिंदु
RKDF University में “India Foreign Policy” पर विशेष संवाद
पूर्व राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार ने रखे विचार
Iran Crisis, China Factor, Bangladesh Politics जैसे मुद्दों पर चर्चा
छात्रों को मिला Global Politics समझने का मंच
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RKDF University में ‘भारत की विदेश नीति’ पर बड़ा संवाद, छात्रों को मिला Global Exposure
रांची में स्थित RKDF University ने एक बार फिर उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपनी सक्रियता दिखाते हुए छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण बौद्धिक मंच तैयार किया। विश्वविद्यालय में “भारत की विदेश नीति और वैश्विक भूमिका” विषय पर एक विशेष टॉक शो एवं संवाद सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें देश-विदेश से जुड़े समसामयिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार शामिल हुए, जबकि संवाद का संचालन KankeTalks के होस्ट अमित मोदी ने किया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को वैश्विक राजनीति, कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों की गहराई से समझ देना था।
Iran Crisis से China Factor तक… कई अहम मुद्दों पर चर्चा
संवाद सत्र के दौरान भारत की विदेश नीति से जुड़े कई ज्वलंत विषयों पर गहन चर्चा हुई।
ईरान संकट और वैश्विक तनाव
Hormuz Strait और ऊर्जा सुरक्षा
भारत की Neutral Strategy
Middle East में भारत की भूमिका
इसके साथ ही यह भी सवाल उठा कि क्या भारत अब एक Global Leader बन रहा है या अभी भी “Survival Mode” में है।

Neighbourhood Policy पर भी उठे सवाल
कार्यक्रम में दक्षिण एशिया की राजनीति पर भी गंभीर मंथन हुआ।
बांग्लादेश में बदलती राजनीति और Anti-India sentiment
श्रीलंका के साथ Maritime Diplomacy
नेपाल के साथ Trust Deficit
China का बढ़ता प्रभाव
इन मुद्दों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार रखते हुए भारत की Neighbourhood First Policy की प्रभावशीलता पर चर्चा की।
First Responder या Late Reactor? भारत की भूमिका पर बहस
संवाद में यह अहम सवाल भी उठा कि अंतरराष्ट्रीय संकटों में भारत की भूमिका क्या है—
क्या भारत First Responder है?
या फिर Late Reactor?
क्या भारत की विदेश नीति Proactive है या Reactive?
इन सभी सवालों पर महेश पोद्दार ने संतुलित और स्पष्ट दृष्टिकोण रखा।
महेश पोद्दार का बड़ा बयान: ‘भारत बन रहा जिम्मेदार वैश्विक शक्ति’
अपने संबोधन में महेश पोद्दार ने कहा कि
“भारत आज एक संतुलित और जिम्मेदार वैश्विक शक्ति के रूप में उभर रहा है। हमारी विदेश नीति केवल प्रतिक्रिया तक सीमित नहीं, बल्कि रणनीतिक और दूरदर्शी है।”
उन्होंने यह भी कहा कि भारत लगातार अपने पड़ोसी देशों के साथ संबंध मजबूत करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन बदलते वैश्विक परिदृश्य में नई चुनौतियां भी सामने आ रही हैं।
छात्रों ने पूछे सवाल, मिला इंटरनेशनल समझ का मंच
कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े सवाल पूछे।
इस संवाद ने छात्रों को न केवल सैद्धांतिक ज्ञान दिया, बल्कि उन्हें Global Thinking और Analytical Approach विकसित करने का अवसर भी प्रदान किया।
RKDF University की पहल सराहनीय
कार्यक्रम के अंत में महेश पोद्दार ने RKDF University की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों को वैश्विक दृष्टिकोण और विश्लेषणात्मक सोच विकसित करने में मदद करते हैं।
निष्कर्ष
RKDF University का यह संवाद कार्यक्रम सिर्फ एक शैक्षणिक आयोजन नहीं, बल्कि छात्रों को Global Politics की असली समझ देने वाला प्लेटफॉर्म साबित हुआ।
आज के दौर में, जहां अंतरराष्ट्रीय राजनीति तेजी से बदल रही है, ऐसे कार्यक्रम ही युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करते हैं।
