मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की स्पेन-स्वीडन यात्रा: निवेश के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि
मुख्य बिंदु
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यूरोप में झारखंड की ब्रांडिंग और निवेश आमंत्रण का अभियान
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टेस्ला ग्रुप सहित कंपनियों ने दिखाई 150 मिलियन यूरो से अधिक निवेश की रुचि
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झारखंड में फुटबॉल कोच प्रशिक्षण और मेगा प्रदर्शनी केंद्र के लिए प्रस्ताव
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खनन व परिवहन क्षेत्र में वोल्वो से संभावित साझेदारी
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झारखंड की विदेश में विजिबिलिटी को बताया गया जरूरी और कारगर
यूरोप में झारखंड के लिए निवेश का नया रास्ता
उद्योग सचिव अरवा राजकमल ने सोमवार को प्रेस कांफ्रेंस में जानकारी दी कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में स्पेन और स्वीडन की यात्रा ऐतिहासिक रही। इस यात्रा का उद्देश्य विदेशी निवेश को आमंत्रित करना और झारखंड की वैश्विक पहचान को मजबूती देना था।

टेस्ला ग्रुप ने 150 मिलियन यूरो की परियोजना में दिलचस्पी दिखाई
स्पेन में टेस्ला ग्रुप एस के चेयरमैन दुसान लिचार्ड्स ने रोमानिया की गिगिया फैक्ट्री जैसी ही एक बैटरी स्टोरेज यूनिट झारखंड में स्थापित करने की इच्छा जताई। निवेश की अनुमानित राशि 150 मिलियन यूरो बताई गई।
फुटबॉल और उद्योग: झारखंड के लिए नए द्वार
स्पेन के फुटबॉल क्लब आरसीडी एस्पेनयोल ने झारखंड के कोचों को प्रशिक्षण देने के लिए MoU की पेशकश की। साथ ही रांची में 120-170 मिलियन यूरो से एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का मेगा सम्मेलन और व्यापार प्रदर्शनी केंद्र स्थापित करने के लिए भी प्रस्ताव आया।

एफसी बार्सिलोना और संग्रहालयों से प्रेरणा
प्रतिनिधिमंडल ने एफसी बार्सिलोना स्टेडियम और डी गावा खनन संग्रहालय का दौरा किया। मुख्यमंत्री ने चाईबासा में भी खनन स्थलों को जियोलॉजिकल म्यूजियम में बदलने के निर्देश दिए।
स्वीडन में वोल्वो संयंत्र का दौरा, राज्य में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का प्रस्ताव
स्वीडन के गोथेनबर्ग में वोल्वो ट्रक संयंत्र का निरीक्षण किया गया। मुख्यमंत्री ने झारखंड में भारी ट्रकों की बढ़ती मांग को देखते हुए एक मेगा मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने का न्योता दिया।

झारखंड की ब्रांड वैल्यू में होगा सुधार
अरवा राजकमल ने बताया कि लगभग 9 वर्षों के बाद कोई सरकारी प्रतिनिधिमंडल विदेश यात्रा पर गया है। इससे अंतरराष्ट्रीय मंच पर झारखंड की उपस्थिति बढ़ेगी। यात्रा के महज एक सप्ताह के भीतर सात निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जो इस पहल की सफलता दर्शाता है।
हेमंत सोरेन सरकार की यह विदेश यात्रा विपक्ष के ‘सैर-सपाटा’ बयान से उलट ठोस निवेश संभावनाओं और वैश्विक सहयोग की दिशा में एक ठोस कदम साबित हो रही है। लगातार कनेक्टिविटी और फॉलोअप से झारखंड विदेशी निवेश का प्रमुख केंद्र बन सकता है।
