झारखंड SIR: मतदाता सूची में नाम जोड़ने की रफ्तार धीमी, 8.59 लाख Form-6 आवेदन मिले; BLO को रोज 2 फॉर्म डिजिटाइज करने का निर्देश
रांची: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत नए मतदाताओं के नाम जोड़ने की प्रक्रिया जारी है। हालांकि, अब तक नए मतदाताओं के समावेशन में 3.89 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो अपेक्षित 8 प्रतिशत वृद्धि से काफी कम है। इस स्थिति को देखते हुए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को आवेदन प्रक्रिया तेज करने और पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल करने के निर्देश दिए हैं।
प्रमुख बातें
- 22 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड में Form-6 के 8,59,162 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
- राज्य की प्रारूप मतदाता सूची में 2,21,01,249 मतदाता दर्ज हैं।
- नए मतदाताओं के समावेशन में अब तक 3.89 प्रतिशत वृद्धि हुई है, जबकि कम-से-कम 8 प्रतिशत वृद्धि अपेक्षित थी।
- कोडरमा में 5.80 प्रतिशत और पलामू में 4.86 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई।
- पाकुड़ में सबसे कम 2.85 प्रतिशत वृद्धि दर्ज हुई।
- BLO सुपरवाइजर को प्रत्येक बूथ पर प्रतिदिन कम-से-कम दो नए Form-6 आवेदनों का डिजिटाइजेशन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
SIR में धीमी प्रगति पर निर्वाचन विभाग सख्त
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर झारखंड में मतदाता सूची को शुद्ध, अद्यतन, समावेशी और त्रुटिरहित बनाने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य किया जा रहा है। इसके तहत गणना प्रपत्रों का संग्रहण और डिजिटाइजेशन, प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन तथा दावे-आपत्तियों के माध्यम से मतदाताओं के विवरण का सत्यापन किया जा रहा है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि मतदाता सूची में प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक का नाम शामिल करने के लिए अभियान में तेजी लाई जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कोई अपात्र या विदेशी व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ मतदाता सूची के लिए समावेशिता बेहद जरूरी है। पिछले पुनरीक्षण के बाद लगभग दो वर्ष बीतने के बावजूद मतदाता सूची में वृद्धि 4 प्रतिशत से कम है, जबकि कम-से-कम 8 प्रतिशत वृद्धि अपेक्षित थी।
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झारखंड में 2.21 करोड़ से अधिक मतदाता
22 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के 31,892 मतदान केंद्रों के लिए प्रकाशित प्रारूप मतदाता सूची में कुल 2,21,01,249 मतदाता दर्ज हैं। वहीं, नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए अब तक Form-6 के 8,59,162 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
इन आवेदनों के आधार पर नए मतदाताओं के समावेशन में 3.89 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है। प्रति मतदान केंद्र औसतन 27 आवेदन प्राप्त हुए हैं। निर्वाचन विभाग का जोर अब आवेदन प्राप्त करने के साथ-साथ उनके डिजिटाइजेशन और पात्र आवेदकों के नाम मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया को गति देने पर है।
कोडरमा में सबसे अधिक, पाकुड़ में सबसे कम वृद्धि
जिलावार आंकड़ों में कोडरमा सबसे आगे रहा, जहां नए मतदाताओं के समावेशन में 5.80 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई। पलामू में 4.86 प्रतिशत, पश्चिमी सिंहभूम में 4.85 प्रतिशत, खूंटी में 4.38 प्रतिशत और सिमडेगा में 4.35 प्रतिशत वृद्धि हुई।
इसके विपरीत, पाकुड़ में 2.85 प्रतिशत, जामताड़ा में 2.87 प्रतिशत, देवघर में 2.89 प्रतिशत, गोड्डा में 3.13 प्रतिशत और दुमका में 3.22 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई। इन आंकड़ों के आधार पर कम प्रगति वाले जिलों में पंजीकरण और डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया तेज करने पर जोर दिया जा रहा है।
धनबाद विधानसभा क्षेत्र में 6.18 प्रतिशत वृद्धि
विधानसभा क्षेत्रवार आंकड़ों में धनबाद 6.18 प्रतिशत वृद्धि के साथ सबसे आगे रहा। कोडरमा में 5.80 प्रतिशत, मझगांव में 5.47 प्रतिशत, जमशेदपुर पश्चिम में 5.35 प्रतिशत और डाल्टनगंज में 5.22 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई।
वहीं, चंदनकियारी में 2.56 प्रतिशत, महेशपुर में 2.65 प्रतिशत, सारठ में 2.68 प्रतिशत, नाला में 2.74 प्रतिशत और गोड्डा में 2.83 प्रतिशत वृद्धि हुई। निर्वाचन विभाग ने जिलों और विधानसभा क्षेत्रों की प्रगति की समीक्षा करते हुए कमजोर प्रदर्शन वाले क्षेत्रों में विशेष प्रयास करने पर बल दिया है।
BLO को रोज दो Form-6 आवेदन डिजिटाइज करने का निर्देश
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बूथ स्तर पर नियमित समीक्षा और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने को कहा है। निर्देश के अनुसार, सभी BLO सुपरवाइजर अपने अधीनस्थ बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के कामकाज की नियमित समीक्षा करेंगे। प्रत्येक बूथ पर प्रतिदिन कम-से-कम दो नए Form-6 आवेदनों का डिजिटाइजेशन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
जिन बूथों पर डिजिटाइजेशन की प्रगति धीमी है, वहां संबंधित BLO को जरूरी सहयोग उपलब्ध कराकर काम में तेजी लाई जाएगी। इसके अलावा, होम-टू-रोल वेरिफिकेशन के दौरान ऐसे पात्र नागरिकों की पहचान की जाएगी, जिन्हें दस्तावेज जुटाने, फॉर्म भरने या पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करने में परेशानी हो रही है। ऐसे लोगों को नियमानुसार मार्गदर्शन और सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की भी ली जाएगी मदद
युवा मतदाताओं का पंजीकरण बढ़ाने के लिए निर्वाचन विभाग अब कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के सहयोग पर भी जोर दे रहा है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को शैक्षणिक संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया है।
इस पहल के तहत पात्र युवाओं को मतदाता पंजीकरण के प्रति जागरूक किया जाएगा और उनसे Form-6 भरवाने की प्रक्रिया तेज की जाएगी। उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र युवा भारतीय नागरिक मतदाता सूची में नाम जुड़वाने से वंचित न रहें।
पात्र नागरिकों का नाम जोड़ने पर विशेष जोर
झारखंड में SIR के दौरान निर्वाचन विभाग के सामने दोहरी चुनौती है। एक ओर सभी पात्र भारतीय नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना है, वहीं दूसरी ओर अपात्र व्यक्तियों के नाम सूची में शामिल होने से रोकना है। इसके लिए आवेदन, दस्तावेजों और मतदाता विवरण के सत्यापन के साथ बूथ स्तर पर निगरानी बढ़ाई जा रही है।
आगामी दिनों में Form-6 आवेदनों के डिजिटाइजेशन और नए मतदाताओं के पंजीकरण की प्रगति पर विशेष नजर रहेगी। जिला निर्वाचन पदाधिकारियों, BLO सुपरवाइजर और BLO को निर्देशों के अनुरूप काम तेज करना होगा, ताकि मतदाता सूची अधिक समावेशी और त्रुटिरहित बनाई जा सके।
