JSSC परीक्षा विवाद: क्या रद्द होगी परीक्षा? हाईकोर्ट में आज तय होगी दिशा.

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मुख्य बिंदु

  • JSSC CGL परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों पर आज झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई

  • याचिकाकर्ता ने परीक्षा रद्द कर सीबीआई या हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की निगरानी में जांच की मांग की

  • पिछली सुनवाई में सरकार ने जवाब देने के लिए समय मांगा था

  • हाईकोर्ट ने परीक्षा परिणाम जारी करने पर रोक लगाई हुई है

  • हजारों उम्मीदवारों का भविष्य कोर्ट के फैसले पर निर्भर



मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ आज करेगी सुनवाई

झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की संयुक्त स्नातक प्रतियोगिता परीक्षा (CGL) में कथित गड़बड़ी को लेकर दायर याचिका पर आज मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ में सुनवाई होगी। इस मामले में परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।

याचिकाकर्ता ने की परीक्षा रद्द करने और जांच की मांग

यह याचिका प्रकाश कुमार की ओर से दायर की गई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि परीक्षा में भारी अनियमितताएं हुईं, जिससे कई अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ मिला। याचिका में स्पष्ट रूप से मांग की गई है कि:

  • परीक्षा को तत्काल रद्द किया जाए

  • पूरे मामले की CBI या हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की निगरानी में विशेष जांच कराई जाए

सरकार ने मांगा था समय, कोर्ट ने दी थी मोहलत

इस मामले में पिछली सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अपना पक्ष रखने के लिए समय की मांग की थी। कोर्ट ने इस पर सहमति जताते हुए अगली सुनवाई के लिए 26 जून 2025 (आज) की तारीख निर्धारित की थी।

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रिजल्ट पर लगी है रोक, छात्र बेचैन

गौरतलब है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने पहले ही JSSC CGL परीक्षा के रिजल्ट के प्रकाशन पर रोक लगा दी थी। जब तक कोर्ट इस मामले में कोई अंतिम निर्णय नहीं लेता, तब तक आयोग परिणाम जारी नहीं कर सकता।

इस स्थिति ने राज्यभर के हजारों उम्मीदवारों को असमंजस और मानसिक तनाव में डाल दिया है। अधिकांश युवा महीनों की मेहनत और तैयारी के बाद अब कोर्ट के फैसले की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

क्या है मामला?

JSSC CGL परीक्षा को लेकर कई शिकायतें सामने आई थीं, जिनमें तकनीकी गड़बड़ियों से लेकर अनुचित लाभ और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर छात्रों के बीच नाराजगी देखी जा रही है।

अब सबकी निगाहें कोर्ट के फैसले पर

आज की सुनवाई इस पूरे मामले में एक निर्णायक मोड़ ला सकती है। कोर्ट अगर याचिकाकर्ता की मांगों गौर करता है, तो इससे न केवल परीक्षा प्रक्रिया पर प्रभाव पड़ेगा, बल्कि झारखंड में होने वाली अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर भी प्रश्न खड़े हो सकते हैं।

JSSC CGL परीक्षा विवाद झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य से जुड़ा एक अहम मामला बन गया है। आज की सुनवाई में कोर्ट का रुख तय करेगा कि क्या परीक्षा दोबारा कराई जाएगी, जांच की जाएगी या आयोग को आगे बढ़ने की अनुमति दी जाएगी।

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