सुदेश महतो का भावपूर्ण पोस्ट: कुड़मी समाज को न्याय दिलाने की मांग
प्रमुख बिंदु
आजसू प्रमुख सुदेश महतो ने सोशल मीडिया पर कविता के जरिये जताया समर्थन
कहा – झारखंड आंदोलन और राज्य निर्माण में कुड़मी समाज का सबसे बड़ा योगदान
1931 से हुए ऐतिहासिक अन्याय का समाधान करने की मांग
आजसू पार्टी ने आंदोलन के लिए सांसद–विधायक समेत वरिष्ठ नेताओं को बनाया प्रभारी
“किसी को नुकसान नहीं होगा, न ही किसी की हकमारी होगी” – सुदेश महतो
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रांची। झारखंड में 20 सितंबर से शुरू होने वाले रेल टेका, डहर छेका आंदोलन को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। इस बीच आजसू पार्टी प्रमुख और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और फेसबुक पर कविता के जरिये कुड़मी समाज के समर्थन में अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।

उन्होंने लिखा कि झारखंड आंदोलन और राज्य निर्माण में कुड़मी समाज का योगदान सबसे अधिक रहा है। इसलिए इस समाज के स्वाभिमान और सम्मान को हर हाल में सुरक्षित रखा जाना चाहिए।
महतो ने अपने पोस्ट में कहा कि 1931 के बाद से कुड़मी समाज के साथ लगातार ऐतिहासिक अन्याय हुआ है, जिसका अब समाधान होना आवश्यक है। उन्होंने साफ किया कि इस समाधान से न तो किसी की हकमारी होगी और न ही किसी समुदाय को नुकसान पहुंचेगा।
आजसू पार्टी का ऐलान
गौरतलब है कि आजसू पार्टी ने कल ही कुड़मी समाज के आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की थी। पार्टी ने अपने सांसद, विधायकों और वरिष्ठ नेताओं को जिला स्तर पर आंदोलन की सफलता के लिए प्रभारी नियुक्त किया है।
कविता के जरिये संदेश
सुदेश महतो ने अपनी पोस्ट में कविता की कुछ पंक्तियां भी लिखीं –
*“झारखंड निर्माण में दिया
जिस समाज ने बड़ा बलिदान,
बचे उसका स्वाभिमान,
हो उसका सम्मान।
कुड़मी समाज के साथ 1931 के बाद
हुए अन्याय का हो शीघ्र समाधान।”*
इस भावपूर्ण कविता ने सोशल मीडिया पर तेजी से लोगों का ध्यान खींचा है और आंदोलन के समर्थन में माहौल को और मजबूती दी है।
