झारखंड में सत्ता वापसी के लिए BJP का रोडमैप! नितिन नवीन ने कार्यकर्ताओं को दिया ‘कमल’ का लक्ष्य
रांची: झारखंड में संगठन को मजबूत करने और राज्य की सत्ता में वापसी के लक्ष्य के साथ भाजपा ने अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ाने के संकेत दिए हैं। रांची के कांके स्थित सुकुरहुटू के हवेली बैंक्वेट हॉल में आयोजित प्रदेश कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक के उद्घाटन सत्र में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव तक संगठन का विस्तार करने और राज्य सरकार के खिलाफ जनता से जुड़े मुद्दों पर संघर्ष तेज करने का आह्वान किया। उन्होंने कांग्रेस और झारखंड की मौजूदा गठबंधन सरकार पर निशाना साधते हुए लोकतंत्र, संवैधानिक संस्थाओं, छात्रों, युवाओं और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दे उठाए।
प्रमुख बातें
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भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने झारखंड में पार्टी की सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ कार्यकर्ताओं को सक्रिय होने का संदेश दिया।
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कांग्रेस और राहुल गांधी पर संवैधानिक संस्थाओं के अपमान का आरोप लगाया।
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SIR के मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाए।
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प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार, नौकरी और खनिज संसाधनों से जुड़े आरोप लगाए।
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भाजपा ने छात्रों, युवाओं और कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर सड़क से सदन तक संघर्ष करने की बात कही।
सत्ता में वापसी के लक्ष्य के साथ संगठन मजबूत करने पर जोर
प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में नितिन नवीन ने कहा कि झारखंड भाजपा का पुराना आधार क्षेत्र रहा है और पार्टी कार्यकर्ताओं को राज्य के हर हिस्से में संगठन की पहुंच मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की योजनाओं और कार्यशैली को जनता तक पहुंचाया जाना चाहिए।
नवीन ने झारखंड को अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में गठित राज्य बताते हुए कहा कि इसे आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी भी भाजपा कार्यकर्ताओं को उठानी चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन की ओर से दी गई जिम्मेदारियों को ईमानदारी से निभाने और पार्टी के निर्णयों को जमीन पर लागू करने का आह्वान किया।
उन्होंने पश्चिम बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं के संघर्ष का उदाहरण देते हुए झारखंड में भी संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया। नवीन ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को लगातार जनता के बीच रहकर काम करना होगा।

कांग्रेस और राहुल गांधी पर नितिन नवीन का हमला
भाजपा अध्यक्ष ने कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक व्यवस्था की मर्यादा को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने आपातकाल का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस आज संविधान की बात करती है, लेकिन उसके शासनकाल में संविधान की मर्यादा का उल्लंघन हुआ था।
नवीन ने राहुल गांधी पर भी संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने देश में अस्थिरता फैलाने की कोशिशों को लेकर सतर्क रहने की बात कही। उनके ये बयान भाजपा की ओर से कांग्रेस और विपक्ष के खिलाफ अपनाए जा रहे राजनीतिक रुख को दर्शाते हैं।

SIR पर विपक्ष को घेरा, घुसपैठियों के मुद्दे पर उठाए सवाल
मतदाता सूची से जुड़े विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR पर विपक्ष की आपत्तियों को लेकर भी नितिन नवीन ने निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष नागरिकों के अधिकारों से ज्यादा घुसपैठियों को संरक्षण देने की चिंता कर रहा है।
यह आरोप भाजपा अध्यक्ष ने अपने संबोधन में लगाया। बैठक में इस मुद्दे को संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर व्यापक राजनीतिक बहस से जोड़कर पेश किया गया।

छात्रों और युवाओं के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी
नितिन नवीन ने कांग्रेस पर छात्रों की समस्याओं के समय समर्थन नहीं देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मेडिकल परीक्षा प्रणाली में पहले अनियमितताएं थीं, जिन्हें उनकी सरकार ने दुरुस्त किया। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर युवाओं और छात्राओं के हितों की बात करने तथा जमीनी स्तर पर उनके मुद्दों के लिए आवाज नहीं उठाने का आरोप लगाया।
उन्होंने भाजपा नेताओं से विधानसभा क्षेत्र के स्तर पर स्थानीय मुद्दों की पहचान करने और युवाओं, छात्रों तथा आम नागरिकों से जुड़े सवालों को प्रमुखता से उठाने को कहा। नवीन ने स्पष्ट किया कि पार्टी राज्य सरकार के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी।
आदिवासी गौरव और झारखंड की पहचान का जिक्र
भाजपा अध्यक्ष ने भगवान बिरसा मुंडा की विरासत, झारखंड स्थापना दिवस और जनजातीय गौरव दिवस का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में पहचान दिलाई। उन्होंने द्रौपदी मुर्मू के राष्ट्रपति बनने को भी आदिवासी समाज के सम्मान से जोड़कर प्रस्तुत किया।
नवीन ने कार्यकर्ताओं से झारखंड की सांस्कृतिक और जनजातीय पहचान को ध्यान में रखते हुए पार्टी की योजनाओं और विचारों को लोगों तक पहुंचाने की अपील की।
आदित्य साहू ने हेमंत सरकार पर लगाए भ्रष्टाचार और रोजगार संबंधी आरोप
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में राज्य की गठबंधन सरकार पर भ्रष्टाचार, खनिज संसाधनों के कथित दोहन, रोजगार और कानून-व्यवस्था को लेकर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि स्थानीय भाषाओं के आधार पर युवाओं को नौकरी नहीं मिल रही और झारखंड की नौकरियां पैसे लेकर बाहरी लोगों को बेची जा रही हैं।
साहू ने छात्रों के आंदोलनों, पेंशन के भुगतान और पेसा कानून के इस्तेमाल को लेकर भी राज्य सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं को गांव-गांव जाकर लोगों से जुड़ना चाहिए और सरकार की नीतियों के खिलाफ आंदोलन करना चाहिए।
उन्होंने एमएमडीआर के मुद्दे पर राज्य सरकार की स्थिति की आलोचना की और कहा कि भाजपा राज्य में संगठन को अधिक सक्रिय बनाएगी। ये आरोप प्रदेश अध्यक्ष ने बैठक के दौरान लगाए; इनकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध विवरण में नहीं है।
31 सांगठनिक जिलों के नेताओं के साथ बैठक
प्रदेश कार्यसमिति की बैठक से पहले नितिन नवीन ने झारखंड के सभी 31 सांगठनिक जिलों के अध्यक्षों और जिला प्रभारियों के साथ बैठक की। इस दौरान संगठन की गतिविधियों की समीक्षा और पार्टी को मजबूत करने के लिए कार्यकर्ताओं की भूमिका पर चर्चा हुई।
बैठक की शुरुआत डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्रों पर माल्यार्पण तथा ‘वंदे मातरम्’ के साथ हुई। राष्ट्रीय अध्यक्ष का स्वागत झारखंडी परंपराओं के अनुरूप लोटा-पानी की रस्म, ढोल-नगाड़े, पुष्पवर्षा, पाइका और छऊ नृत्य से किया गया।
कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, रघुवर दास और चंपई सोरेन सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता, सांसद, विधायक तथा संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
भाजपा की रणनीति: स्थानीय मुद्दे, संगठन विस्तार और सरकार के खिलाफ संघर्ष
प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में दिए गए संबोधनों से भाजपा की तीन प्रमुख प्राथमिकताएं सामने आईं—संगठन का विस्तार, छात्रों और युवाओं के मुद्दों पर सरकार को घेरना तथा भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था जैसे विषयों को राजनीतिक अभियान का हिस्सा बनाना। पार्टी नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं से गांवों और विधानसभा क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ाने और जनता से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाने का संदेश दिया।
बैठक में भाजपा नेताओं ने राज्य में पार्टी की सरकार बनाने का लक्ष्य दोहराया। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कार्यसमिति में तय दिशा-निर्देशों को संगठन किस तरह स्थानीय स्तर पर लागू करता है और राज्य सरकार इन आरोपों तथा उठाए गए मुद्दों पर क्या प्रतिक्रिया देती है।
