Champai Soren News: आदिवासी हितों पर चंपाई सोरेन का बड़ा बयान, कहा- जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए समाज को होना होगा एकजुट
रांची– झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा विधायक चंपाई सोरेन ने आदिवासी समाज की पहचान, संस्कृति और अधिकारों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा के साथ-साथ हजारों वर्षों से चली आ रही आदिवासी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को बचाने के लिए समाज को एकजुट होकर आगे आना होगा।
प्रमुख बातें
- चंपाई सोरेन ने आदिवासी संस्कृति और परंपराओं की रक्षा पर जोर दिया।
- कांग्रेस पर झारखंड आंदोलन के दौरान आदिवासियों पर गोली चलाने का आरोप लगाया।
- मोदी सरकार में एकलव्य विद्यालयों की संख्या बढ़ने का दावा किया।
- पीएम जनमन और वन धन जैसी योजनाओं का किया उल्लेख।
- आदिवासी क्षेत्रों में विकास कार्यों को लेकर केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाईं।
आदिवासी पहचान और संस्कृति बचाने की अपील
चंपाई सोरेन ने कहा कि आदिवासी समाज की सबसे बड़ी ताकत उसकी संस्कृति, परंपराएं और प्राकृतिक संसाधनों से जुड़ा जीवन है। उन्होंने कहा कि बदलते समय में इन मूल्यों को संरक्षित रखना जरूरी है। इसके लिए समाज के सभी वर्गों को एक मंच पर आकर काम करना होगा।
उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन केवल संसाधन नहीं हैं, बल्कि आदिवासी समाज की पहचान और अस्तित्व का आधार हैं। ऐसे में इनके संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।
कांग्रेस पर साधा निशाना
अपने बयान में चंपाई सोरेन ने कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड आंदोलन के दौरान आदिवासियों और मूलवासियों की आवाज को दबाने के लिए गोलियां चलाई गई थीं। उन्होंने कहा कि जिन दलों ने वर्षों तक शासन किया, वे आदिवासी समाज के विकास के लिए अपेक्षित काम नहीं कर सके।
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एकलव्य विद्यालयों को लेकर किया बड़ा दावा
भाजपा विधायक ने कहा कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल में आदिवासी शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम हुआ है। उन्होंने दावा किया कि जहां पहले राज्य में केवल 13 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय थे, वहीं अब उनकी संख्या बढ़कर 88 हो गई है।
चंपाई सोरेन के अनुसार, इन विद्यालयों के माध्यम से हजारों आदिवासी और जनजातीय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो रही है, जिससे उनके भविष्य को नई दिशा मिल रही है।
केंद्र सरकार की योजनाओं का किया जिक्र
चंपाई सोरेन ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में आदिवासी और विशेष रूप से आदिम जनजातीय समुदायों के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू की गई हैं। उन्होंने पीएम जनमन योजना, पीएम वन धन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे दूर-दराज के गांवों तक विकास पहुंचा है।
उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से लोगों को आवास, बिजली, पेयजल, सड़क और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे आदिवासी क्षेत्रों में जीवन स्तर में सुधार देखने को मिल रहा है।
वन अधिकार अधिनियम पर भी दिया जोर
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वन अधिकार अधिनियम (FRA) के तहत पात्र लोगों को पट्टे वितरित किए जा रहे हैं। इससे वन क्षेत्रों में रहने वाले समुदायों को कानूनी अधिकार और सुरक्षा मिल रही है।
राजनीतिक संदेश भी माना जा रहा बयान
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चंपाई सोरेन का यह बयान केवल आदिवासी हितों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से भाजपा आदिवासी समाज के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने का प्रयास भी कर रही है। झारखंड की राजनीति में आदिवासी वोट बैंक की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए ऐसे बयान आगामी राजनीतिक समीकरणों पर भी असर डाल सकते हैं.
