मुख्यमंत्री और अल्पसंख्यक मंत्री को जताया आभार
रांची। झारखंड मुस्लिम युवा मंच (JMYM) ने आलिम-फ़ाज़िल के विद्यार्थियों को सरकारी नौकरियों में नियुक्ति के लिए पात्र बनाने के निर्णय पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफिजुल अंसारी के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया है। मंच ने इस फैसले को दूरदर्शी, ऐतिहासिक और युवाओं के भविष्य को नई दिशा देने वाला कदम बताया।

हजारों युवाओं के लिए खुले नए अवसर
झारखंड मुस्लिम युवा मंच के अध्यक्ष मोहम्मद शाहिद अय्यूबी ने कहा कि यह निर्णय शिक्षा और प्रतिभा को समान अवसर देने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। उनके अनुसार, आलिम-फ़ाज़िल के हजारों मेधावी छात्रों के लिए अब सरकारी सेवा के दरवाजे खुले हैं, जो सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की सोच को मजबूत करता है।
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समावेशी राजनीति का उदाहरण
मंच का मानना है कि यह फैसला झारखंड सरकार की सामाजिक न्याय, समान अवसर और समावेशी विकास के प्रति अटल प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अलीम-फ़ाज़िल जैसे शैक्षणिक पाठ्यक्रमों को मान्यता देकर सरकार ने अल्पसंख्यक युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में ठोस पहल की है।

मंत्री हाफिजुल अंसारी का किया सम्मान
इस निर्णय के बाद झारखंड मुस्लिम युवा मंच के विशेष प्रतिनिधिमंडल ने अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हाफिजुल अंसारी से मुलाकात कर उन्हें फूलों का गुलदस्ता और सम्मान स्वरूप शॉल भेंट किया। प्रतिनिधिमंडल ने इस पहल के लिए मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में मौजूद रहे ये सदस्य
इस अवसर पर मंच के अध्यक्ष मोहम्मद शाहिद अय्यूबी के साथ टार्जन जियाउल्लाह हक, असफर खान, मोहम्मद इरशाद आलम विक्की, रशीद अंसारी, अरहान अली, मोहम्मद महताब आलम, अरशद अली, सोनू शाहिद रहमान और सैयद अशफाक सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
भविष्य को लेकर जताई उम्मीद
झारखंड मुस्लिम युवा मंच ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में भी राज्य सरकार इसी तरह के जनहितैषी और प्रगतिशील फैसले लेती रहेगी, जिससे हर वर्ग के युवाओं को समान अवसर मिल सके और उनका भविष्य सुरक्षित हो।
