झारखंड BJP का संगठन विस्तार तेज, 15 दिसंबर तक बूथ समितियां गठित करने का लक्ष्य
रांची: झारखंड में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी सांगठनिक गतिविधियां तेज कर दी हैं। प्रदेश कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक में तय किए गए फैसलों पर अमल करते हुए पार्टी ने विभिन्न प्रमंडलों और मोर्चों के लिए प्रभारियों की जिम्मेदारी घोषित कर दी है। इसके साथ ही जिला, मंडल, शक्ति केंद्र और बूथ स्तर पर संगठनात्मक ढांचे को तय समय-सीमा में पूरा करने की योजना बनाई गई है।
प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के निर्देश पर तैयार इस कार्ययोजना के तहत बूथ समितियों के गठन की अंतिम समय-सीमा 15 दिसंबर तय की गई है। पार्टी का लक्ष्य संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय करना और सांगठनिक गतिविधियों में तेजी लाना है।
प्रमुख बातें
- BJP ने संगठनात्मक ढांचे को पूरा करने के लिए अलग-अलग समय-सीमाएं तय कीं।
- जिला और मंडल कार्यसमितियों का गठन 10 नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य।
- प्रदेश और जिला मोर्चा समितियों के गठन की समय-सीमा 20 नवंबर।
- शक्ति केंद्रों और प्रकोष्ठों-विभागों का गठन 30 नवंबर तक।
- बूथ समितियों के गठन के लिए 15 दिसंबर की समय-सीमा तय।
- छह प्रमंडलों और विभिन्न मोर्चों के लिए प्रभारियों की नियुक्ति।
कार्यसमिति की बैठक के बाद संगठन विस्तार पर कार्रवाई
प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के निर्देशानुसार संगठनात्मक ढांचे को निर्धारित समय में पूरा करने की कार्ययोजना बनाई गई है। उन्होंने कहा कि कार्यसमिति की बैठक में बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत बनाने और पार्टी की गतिविधियों को गति देने पर जोर दिया गया था।
इसी क्रम में पार्टी ने अगले ही दिन अलग-अलग सांगठनिक जिम्मेदारियों की घोषणा की। इसके तहत प्रमंडल प्रभारियों और मोर्चा प्रभारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब इन पदाधिकारियों के सामने तय समय-सीमा के भीतर समितियों का गठन पूरा कराने और संगठनात्मक कामकाज को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।

किस समिति के गठन की क्या समय-सीमा?
भाजपा की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, जिला और मंडल कार्यसमितियों का गठन 10 नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, प्रदेश और जिला मोर्चा समितियों के गठन के लिए 20 नवंबर की तारीख तय की गई है।
इसके अलावा शक्ति केंद्रों की संरचना 30 नवंबर तक पूरी करने का लक्ष्य है। प्रकोष्ठों और विभागों की सांगठनिक संरचना भी इसी तारीख तक पूरी की जानी है। सबसे आखिर में बूथ समितियों का गठन 15 दिसंबर तक पूरा करने की समय-सीमा तय की गई है।
इस समयबद्ध योजना के जरिए पार्टी अलग-अलग स्तरों पर संगठन की जिम्मेदारियों और कार्यप्रणाली को व्यवस्थित करना चाहती है।

छह प्रमंडलों में इन नेताओं को मिली जिम्मेदारी
सांगठनिक कामकाज के समन्वय और निगरानी के लिए छह प्रमंडलों में प्रभारी नियुक्त किए गए हैं।
- कोल्हान: नीलकंठ सिंह मुंडा, प्रदेश उपाध्यक्ष
- संथाल परगना: बालमुकुंद सहाय, प्रदेश उपाध्यक्ष
- धनबाद: सुनील सोरेन, प्रदेश उपाध्यक्ष
- दक्षिणी छोटानागपुर: गणेश मिश्रा, प्रदेश महामंत्री
- पलामू: अमर कुमार बाउरी, प्रदेश महामंत्री
- हजारीबाग: मनोज सिंह, प्रदेश महामंत्री
इन प्रभारियों की जिम्मेदारी संबंधित प्रमंडलों में संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने और तय कार्यक्रम के अनुसार काम की निगरानी करने की होगी।
मोर्चों के गठन की जिम्मेदारी भी तय
भाजपा ने विभिन्न मोर्चों की समितियों के गठन के लिए भी प्रदेश महामंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपी है। गणेश मिश्रा को किसान, अनुसूचित जाति और अल्पसंख्यक मोर्चों का प्रभारी बनाया गया है। वहीं, अमर कुमार बाउरी को ओबीसी और युवा मोर्चा तथा मनोज सिंह को महिला और अनुसूचित जनजाति मोर्चा की जिम्मेदारी दी गई है।
इसके साथ ही पार्टी ने प्रदेश पदाधिकारियों, जिलाध्यक्षों, जिला प्रभारियों, मंडल अध्यक्षों, मंडल प्रभारियों और मोर्चा अध्यक्षों को सात दिनों की प्रवास योजना तैयार करने का निर्देश दिया है। इसका उद्देश्य संगठनात्मक गतिविधियों को जमीनी स्तर पर गति देना है।
संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने पर जोर
भाजपा की इस कार्ययोजना में संगठनात्मक ढांचे को समय पर पूरा करने और स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने पर जोर दिया गया है। अब पार्टी के सामने निर्धारित तारीखों तक समितियों का गठन पूरा करने की चुनौती होगी। इन तैयारियों के जरिए भाजपा झारखंड में अपने संगठन को अधिक व्यवस्थित करने और बूथ स्तर तक पहुंच मजबूत करने की कोशिश कर रही है.
