कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव ने विधानसभा में अल्पसंख्यकों के मुद्दे उठाए
अल्पसंख्यक समुदाय के शैक्षणिक और आर्थिक मुद्दे उठाए
कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने विधानसभा में अल्पसंख्यक (मुस्लिम) समुदाय के शैक्षणिक, आर्थिक और सामाजिक मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने 4401 उर्दू सहायक शिक्षकों के 3712 रिक्त पदों को प्राथमिक (कक्षा 1-5) और माध्यमिक (कक्षा 6-8) स्तर पर विभाजित कर इंटर प्रशिक्षित वेतनमान पर नियुक्ति की मांग की। साथ ही, +2 विद्यालयों में उर्दू शिक्षकों के नए पद सृजित करने और उनकी बहाली पर जोर दिया।

अरबी-फारसी विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग
प्रदीप यादव ने शहीद शेख भिकारी अरबी-फारसी यूनिवर्सिटी की स्थापना की मांग की ताकि आलिम-फाजिल डिग्री की शिक्षा और परीक्षा को सुलभ बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार केन्द्रीय एमएसडीपी (PMJVK) कार्यक्रम के तहत प्रस्ताव नहीं भेज रही है, जिससे छह वित्तीय वर्षों से केंद्र से धनराशि प्राप्त नहीं हो रही है।
अल्पसंख्यक छात्रों के लिए छात्रावास की मांग
राजधानी रांची में अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं के लिए 200-500 बेड वाले छात्रावास के निर्माण की मांग उठाई गई। उन्होंने बुनकर सहयोग समितियों को अनुदान और सस्ती बिजली देने तथा भूमिहीन गरीब मुस्लिमों को सरकारी भूमि पर पट्टा देने का भी मुद्दा उठाया।
मॉब लिंचिंग विधेयक में संशोधन की वकालत
उन्होंने मॉब लिंचिंग से संबंधित कानून को मजबूत करने के लिए विधानसभा में संशोधन प्रस्ताव लाकर इसे प्रभावी रूप से लागू करने पर जोर दिया।
विधायक को आमया संगठन ने किया सम्मानित
इन मुद्दों को विधानसभा में उठाने के लिए आमया संगठन के अध्यक्ष एस. अली के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने विधायक प्रदीप यादव के आवास पर जाकर उन्हें फूल और गुलदस्ता भेंट कर आभार व्यक्त किया। एस. अली ने कहा कि मुस्लिम समुदाय के मुद्दों को अक्सर उलझाकर फंसा दिया जाता है, जबकि ये समुदाय अलग राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुका है।
विधायक प्रदीप यादव का बयान
प्रदीप यादव ने कहा, “मुस्लिम समुदाय को अपने न्याय और अधिकारों के लिए एकजुट होना होगा। संविधान उन्हें यह अधिकार देता है, और मैं सदन और सरकार में उनकी आवाज बनूंगा।”
सम्मान समारोह में मौजूद लोग
इस अवसर पर मौलाना फजलूल कदीर, जियाउद्दीन अंसारी, इस्मे आजम, नौशाद आलम, मो. फुरकान, शाहिद अफरोज, मो. औरंगजेब, एकराम हुसैन, नौशाद असरफ, अब्दुल गफ्फार, जावेद अख्तर, सद्दाम खान, सिद्दीक अंसारी, मोइज अहमद, तहमीद अंसारी, मो. आसिफ, मो. अताउल्लाह, मो. उमर, असजद राजा, मोज़हिरुल, इमरान अंसारी, इमरोज़ आदि उपस्थित थे।
