हेमंत सोरेन ने घाटशिला उपचुनाव को बताया ‘भावनात्मक चुनाव’, कहा – विरोधियों की होगी जमानत जब्त
मुख्य बिंदु:
झामुमो उम्मीदवार सोमेश चंद्र सोरेन ने दाखिल किया नामांकन
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन हुए कार्यक्रम में शामिल
दिशोम गुरु और रामदास सोरेन के निधन को बताया भावनात्मक क्षण
कार्यकर्ताओं से कहा – इस बार भी ऐतिहासिक जीत दर्ज करनी है
रांची/घाटशिला | झारखंड के मुख्यमंत्री और झामुमो कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन आज घाटशिला पहुंचे, जहां उन्होंने झामुमो और गठबंधन उम्मीदवार सोमेश चंद्र सोरेन के नामांकन कार्यक्रम में शिरकत की। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि घाटशिला का आगामी उपचुनाव पार्टी और कार्यकर्ताओं के लिए बेहद भावनात्मक परिस्थिति में हो रहा है।
उन्होंने कहा कि “कुछ ही दिनों पहले आदरणीय दिशोम गुरुजी का निधन हुआ, और उसके बाद रामदास दा भी हमारे बीच नहीं रहे। यह संयोग मात्र नहीं है, शायद कोई अदृश्य शक्ति है जो इस परिस्थिति को जन्म देती है। पर हमें इस चुनौतीपूर्ण स्थिति में एकजुट रहकर लड़ना है।”
मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि “जिस तरह पिछली बार घाटशिला के इतिहास में पहली बार 20 से 22 हजार मतों से रामदास बाबू को ऐतिहासिक जीत दिलाई गई थी, उसी जोश के साथ इस बार भी विरोधियों की जमानत जब्त करनी है।”
उन्होंने आगे कहा कि झामुमो का हर कार्यकर्ता अपने नेता और संगठन के लिए समर्पित है और जनता का भरोसा पार्टी की सबसे बड़ी ताकत है। घाटशिला उपचुनाव को उन्होंने “श्रद्धांजलि और संकल्प का चुनाव” बताते हुए कहा कि सोमेश सोरेन के रूप में जनता फिर से अपने परिवार का सदस्य चुनने जा रही है।
मुख्यमंत्री का यह वक्तव्य उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया, जिसे कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने तेजी से शेयर किया।


