झारखंड सरकार और एसबीआई के बीच ऐतिहासिक एमओयू, सरकारी कर्मियों को मिलेगा एक करोड़ तक का दुर्घटना बीमा और कई लाभ
मुख्य बिंदु:
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हेमंत सोरेन की उपस्थिति में हुआ एमओयू हस्ताक्षर
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एसबीआई में सैलरी खाता रखने वाले कर्मचारियों को मिलेगा विशेष पैकेज
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एक करोड़ रुपए तक का दुर्घटना बीमा मुफ्त
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स्वास्थ्य और जीवन बीमा के साथ कई बैंकिंग सुविधाएं भी शामिल
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सरकारी कर्मियों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण की दिशा में नया अध्याय
हेमंत सोरेन की उपस्थिति में ऐतिहासिक एमओयू पर हस्ताक्षर
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उपस्थिति में आज झारखंड सरकार के वित्त विभाग और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के बीच राज्य के सरकारी कर्मचारियों के सैलरी पैकेज को लेकर एक ऐतिहासिक एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किया गया। यह समझौता कर्मचारियों के लिए एक सुरक्षा कवच साबित होगा, जिसमें उन्हें कई विशेष वित्तीय सेवाएं मुफ्त में प्रदान की जाएंगी।
इस अवसर पर वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर, मुख्य सचिव अलका तिवारी, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, प्रधान सचिव वंदना दादेल, भारतीय स्टेट बैंक के झारखंड-बिहार क्षेत्र के मुख्य महाप्रबंधक के. बी. बंगारराजू तथा महाप्रबंधक प्रभाष बोस उपस्थित थे। एमओयू पर वित्त विभाग की विशेष सचिव राजेश्वरी बी और एसबीआई के उप महाप्रबंधक देवेश मित्तल ने हस्ताक्षर किए।

एसबीआई में सैलरी खाता रखने वालों को मिलेगा विशेष बीमा पैकेज
इस समझौते के तहत जिन सरकारी कर्मियों के वेतन खाते एसबीआई में होंगे, उन्हें बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के निम्नलिखित लाभ दिए जाएंगे:
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एक करोड़ रुपए तक का दुर्घटना बीमा
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स्वास्थ्य बीमा और जीवन बीमा योजनाएं
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विविध बैंकिंग सेवाओं तक विशेष पहुंच
यह सभी लाभ कर्मचारियों के कल्याण और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए हैं। दुर्घटना के मामले में मृत्यु होने पर एक करोड़ रुपए की राशि उनके परिजनों को दी जाएगी, जो एक बड़ी सामाजिक सुरक्षा का उदाहरण है।

“कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा हमारी प्राथमिकता”: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकारी कर्मियों की सुरक्षा, सम्मान और कल्याण उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा:
“हमारी सरकार हर श्रेणी के सरकारी कर्मचारियों के लिए कार्य कर रही है। आज एक नए अध्याय की शुरुआत हो रही है जिसमें कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा के साथ-साथ भावनात्मक संबल भी मिलेगा।”
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सेवा के दौरान किसी दुर्घटना में मौत होने पर उनके परिजनों को आर्थिक सहायता देकर उनके योगदान को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही सरकार कई अन्य योजनाओं पर भी कार्य कर रही है, जिससे सरकारी कर्मियों के हितों को सुरक्षित किया जा सके।
“विपरीत परिस्थितियों में भी मिलेगी सुरक्षा”
मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि यह पहल सिर्फ औपचारिकता नहीं है, बल्कि एक जिम्मेदारी है। आज के दौर में जब हर व्यक्ति अपने और परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहता है, ऐसे में यह एमओयू न सिर्फ आर्थिक राहत देगा बल्कि भरोसा भी बढ़ाएगा।
उन्होंने कहा:
“सरकार अपने कर्मियों के भविष्य की चिंता करती है। हमारी कोशिश है कि राज्य का हर सरकारी कर्मचारी निश्चिंत होकर सेवा करे।”
मुख्यमंत्री ने भारतीय स्टेट बैंक की सराहना करते हुए कहा कि अब देश की बड़ी वित्तीय संस्थाएं भी झारखंड जैसे राज्य के विकास और सहयोग में आगे आ रही हैं।
राज्य के विकास में सरकारी कर्मचारियों की भूमिका अहम
मुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि सरकारी कर्मचारियों की भूमिका राज्य निर्माण में बेहद अहम है। उन्होंने कहा कि नीतियों को धरातल पर उतारने का काम यही कर्मचारी करते हैं। इसलिए उनका मनोबल ऊंचा रखना और कार्य करने के लिए बेहतर वातावरण देना सरकार की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कर्मचारियों से अपील की कि वे भी राज्य के हित में पूरी ईमानदारी और निष्ठा से अपने कर्तव्यों का पालन करें।
कर्मचारियों के लिए सुरक्षा का नया युग
इस एमओयू के साथ झारखंड सरकार ने यह सिद्ध कर दिया है कि वह अपने कर्मियों की न केवल आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर गंभीर है, बल्कि उन्हें हर स्तर पर सशक्त और संरक्षित करना चाहती है।
यह समझौता न केवल एक प्रशासनिक कदम है, बल्कि एक सामाजिक दायित्व भी है जो आने वाले समय में कर्मचारियों के विश्वास और मनोबल को बढ़ाएगा।
