लोहरदगा सीट से इंडिया गठबंधन को जीतना मुश्किल नजर आ रहा है. इसके पीछे एक बड़ी वजह सामने आ रही है. दरअसल बिशनपुर से झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायक चमरा लिंडा भी चुनाव लड़ने जा रहे हैं. संभावित तौर पर 24 अप्रैल को वे नामांकन भी करेंगे. इंडिया गठबंधन ने वैसे सुखदेव भगत को चुनावी मैदान में उतारा है. ऐसे में एक ही गठबंधन से अगर दो प्रत्याशी होंगे तो जाहिर सी बात है वोटों का बिखराव होगा. चमरा लिंडा का यह कदम पार्टी लाइन के खिलाफ भी है। ये दीगर बात है कि पार्टी कुछ भी करने या बोलने की स्थिति में नजर नहीं आती है.
इंडिया गठबंधन की बात आगे भी करेंगे लेकिन यहां यह जानना बेहद जरूरी है कि एनडीए ने यहां से समीर उरांव को चुनावी मैदान में उतारा है और वे 24 अप्रैल को नामांकन भी करने जा रहे हैं. एनडीए पूरी तरह से एकजुट नजर आता है. जबकि इंडिया गठबंधन में चमरा लिंडा के निर्दलीय तौर पर चुनाव लड़ने से बिखराव नजर आता है.
इससे पहले चमरा लिंडा 2004, 2009 और 2014 के लोकसभा चुनाव में किस्मत आजमा चुके हैं. हालांकि, उन्हे हर बार हार का मुंह देखना पड़ा है. इस बार भी वे लोकसभा चुनाव में किस्मत आजमाने जा रहे हैं। उनका यह कदम पार्टी लाइन के खिलाफ है. पार्टी के अनुशासन के खिलाफ है. अब देखना दिलचस्प होगा कि, क्या झारखंड मुक्ति मोर्चा अपने बिशनपुर के विधायक चमरा लिंडा के खिलाफ कार्रवाई करती है या फिर इंडिया गठबंधन के तहत वोटों के बिखराव को अपने सामने देखती रहती है.
