झारखंड में 5-6 महीने से पेंशन भुगतान ठप? बाबूलाल मरांडी ने सरकार से की तत्काल भुगतान की मांग
झारखंड में वृद्धावस्था और दिव्यांग पेंशन के भुगतान में कथित देरी को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में पिछले 5-6 महीनों से पेंशन का भुगतान ठप है और जरूरतमंद लोगों को गंभीर आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रमुख बातें
- बाबूलाल मरांडी ने पेंशन भुगतान में देरी को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।
- दावा: झारखंड में 5-6 महीनों से पेंशन भुगतान ठप।
- वृद्ध, विधवा और दिव्यांग पेंशनधारियों की परेशानी का मुद्दा उठाया।
- दवा, राशन और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पेंशन पर निर्भर लोगों का जिक्र।
- हेमंत सोरेन से मामले में तत्काल संज्ञान लेने की अपील।
- वृद्धावस्था और दिव्यांग पेंशन का अविलंब भुगतान सुनिश्चित करने की मांग।
पेंशन भुगतान को लेकर बाबूलाल मरांडी का सरकार पर हमला
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए झारखंड में पेंशन भुगतान को लेकर सरकार पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति के पास कमाई का कोई दूसरा साधन नहीं है, उसके लिए हर महीने मिलने वाली पेंशन की राशि बेहद महत्वपूर्ण होती है।
मरांडी ने कहा कि कई लोगों के लिए यही राशि दवा खरीदने, घर का राशन चलाने और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने का सहारा होती है। ऐसे में कई महीनों तक पेंशन नहीं मिलने से जरूरतमंद परिवारों के सामने गंभीर संकट पैदा हो सकता है।
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‘किसी की दवा तो किसी के घर का राशन इसी से आता है’
बाबूलाल मरांडी ने अपने पोस्ट में पेंशन की राशि के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि किसी बुजुर्ग की दवा इसी पेंशन से आती है, तो किसी परिवार का राशन इसी राशि से चलता है।
उन्होंने कहा कि पेंशन की छोटी-सी रकम भी कई जरूरतमंदों को दूसरों के सामने हाथ फैलाने से बचाती है। उनके मुताबिक, भुगतान में देरी के कारण जरूरतमंद लोगों के सामने लाचारी की स्थिति पैदा हो रही है।
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हेमंत सोरेन से तत्काल संज्ञान लेने की अपील
बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस मामले में तत्काल संज्ञान लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार का दायित्व है कि बेसहारा और जरूरतमंद लोगों का सहारा बने।
उन्होंने विशेष रूप से वृद्धावस्था पेंशन और दिव्यांग जनों की पेंशन का जल्द से जल्द भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है।
‘हजार रुपये किसी के लिए मामूली नहीं’
अपने बयान में मरांडी ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोगों के लिए यह राशि महज हजार रुपये हो सकती है, लेकिन जरूरतमंदों के लिए इसका महत्व बहुत बड़ा है।
उन्होंने पेंशन की राशि को बुजुर्गों के लिए दवा और बीमारी, विधवाओं के लिए भूखे पेट और चूल्हे, तथा दिव्यांगजनों के लिए निर्भरता और आत्मसम्मान के बीच का फर्क बताया।
पेंशन भुगतान पर सरकार से जवाब की मांग
पेंशन भुगतान में कथित देरी को लेकर अब सरकार की ओर से स्थिति स्पष्ट किए जाने की मांग उठ रही है। हालांकि, बाबूलाल मरांडी द्वारा लगाए गए 5-6 महीने से भुगतान ठप होने के दावे पर सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया इस पोस्ट में उपलब्ध नहीं है।
