सिल्ली के मारदू में नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या का आरोप, देवेंद्र नाथ महतो ने की फांसी की सजा की मांग
रांची: झारखंड के सिल्ली में नाबालिग बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या की घटना से इलाके में आक्रोश का माहौल है। घटना को लेकर JLKM के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष एवं आंदोलनकारी नेता देवेंद्र नाथ महतो ने गहरा दुख जताते हुए दोषियों को कठोरतम सजा देने की मांग की है। उन्होंने मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई, एसआईटी गठन और निष्पक्ष वैज्ञानिक जांच की भी मांग उठाई है।
प्रमुख बातें
- सिल्ली में नाबालिग बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या की घटना से क्षेत्र में आक्रोश।
- देवेंद्र नाथ महतो ने घटनास्थल का जायजा लेकर प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की।
- मामले की जांच के लिए एसआईटी गठन और फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग।
- पीड़ित परिवार को सुरक्षा, उचित मुआवजा और निःशुल्क कानूनी सहायता देने की मांग।
- दोष सिद्ध होने पर आरोपियों को कानून के तहत कठोरतम सजा दिलाने की अपील।
घटना की सूचना मिलते ही मारदू गांव पहुंचे देवेंद्र नाथ महतो
देवेंद्र नाथ महतो के अनुसार, घटना की सूचना मिलने के बाद वह 18 अक्टूबर 2026 की रात करीब 10 बजे मारदू गांव पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। इसके बाद फॉरेंसिक एवं तकनीकी जांच दल ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच की। खोजी कुत्ते की मदद भी ली गई और आवश्यक साक्ष्य एवं नमूने एकत्र किए गए।
दी गई जानकारी के मुताबिक, प्रशासन ने रात करीब 12:30 से 1 बजे के बीच शव को घटनास्थल से उठाकर पोस्टमार्टम के लिए रिम्स, रांची भेजा।
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कक्षा 11वीं की छात्रा थी बच्ची
देवेंद्र नाथ महतो ने बताया कि मृत बच्ची की उम्र लगभग 17 वर्ष 9 महीने थी और वह कक्षा 11वीं में पढ़ती थी। ग्रामीणों के अनुसार, बच्ची सरल स्वभाव की थी और पढ़ाई पर विशेष ध्यान देती थी। उसके साथ हुई घटना को उन्होंने बेहद दुखद और चिंताजनक बताया।
उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल है। महिलाओं को खेतों में जाने, बाड़ी में काम करने और घर से बाहर निकलने में भी डर महसूस हो रहा है। उन्होंने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई।
घटनास्थल पर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने की मांग
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि उन्होंने प्रशासन से शव हटाने से पहले सभी आवश्यक वैज्ञानिक और फॉरेंसिक साक्ष्य सावधानीपूर्वक एकत्र करने, घटनास्थल की वीडियोग्राफी कराने और पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर उसे सुरक्षित रखने की मांग की थी।
उन्होंने जोर दिया कि जांच के दौरान किसी भी महत्वपूर्ण साक्ष्य को नष्ट होने से बचाया जाना चाहिए, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके और दोषियों की पहचान की जा सके।
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एसआईटी गठन और फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग
देवेंद्र नाथ महतो ने वरीय पुलिस अधिकारियों से बातचीत कर मामले में कई मांगें रखीं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- कठोरतम सजा: जांच और मुकदमे में दोष सिद्ध होने पर आरोपियों को कानून के तहत अधिकतम सजा दिलाई जाए।
- फास्ट ट्रैक कोर्ट: मामले की सुनवाई शीघ्र पूरी कराने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की व्यवस्था हो।
- निष्पक्ष वैज्ञानिक जांच: मामले के हर पहलू की गहन और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए।
- एसआईटी का गठन: जांच की निगरानी और महत्वपूर्ण पहलुओं की समीक्षा के लिए विशेष जांच दल बनाया जाए।
- पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी: पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी और जरूरी फॉरेंसिक परीक्षण कराए जाएं।
- आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी: उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर शीघ्र गिरफ्तारी की जाए।
- परिवार को सहायता: पीड़ित परिवार को सुरक्षा, उचित मुआवजा और निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाए।
कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि मासूम बच्ची के साथ हुई ऐसी घटना को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने मांग की कि जांच में किसी तरह की लापरवाही न हो और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार प्रभावी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और न्याय की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए, तो जनआंदोलन किया जाएगा।
बेटियों की सुरक्षा समाज और प्रशासन की जिम्मेदारी
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि बेटियों की सुरक्षा केवल परिवार की नहीं, बल्कि समाज और शासन-प्रशासन की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और क्षेत्र में सुरक्षा का माहौल बहाल करने के लिए हर स्तर पर आवाज उठाने की बात कही।
उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कानून के तहत कठोरतम सजा दिलाई जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
नोट: घटना, जांच की प्रगति और आरोपों से संबंधित तथ्यों की पुष्टि पुलिस या आधिकारिक स्रोतों से किया जाना आवश्यक है।
