पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस की सुरक्षा हटाए जाने पर आजसू पार्टी ने किया तीखा विरोध
मुख्य बिंदु
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प्रवीण प्रभाकर ने पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस की सुरक्षा हटाने को बताया भेदभाव
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राज्य सरकार पर लगाया सत्ता पक्ष के नेताओं को प्राथमिकता देने का आरोप
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पूर्णिया हत्याकांड पर कांग्रेस की मंशा पर उठाए सवाल
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डायन–बिसाही प्रथा पर सरकार की निष्क्रियता को बताया चिंताजनक
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केंद्रीय कार्यालय में आयोजित मिलन समारोह में दर्जनों छात्र आजसू में हुए शामिल
सहिस को बॉडीगार्ड नहीं, सरकार को शराब बेचने की पड़ी है चिंता: प्रवीण प्रभाकर
रांची, 8 जुलाई 2025– झारखंड आंदोलनकारी एवं आजसू पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रवीण प्रभाकर ने सरकार पर दोहरे मापदंड अपनाने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस की सुरक्षा को हटाना निंदनीय है, जबकि सत्ता पक्ष के छोटे नेताओं को भी गार्ड उपलब्ध हैं।
उन्होंने कहा, “राज्य सरकार अगर शराब बेचने के लिए होमगार्ड का उपयोग कर सकती है, तो क्या पूर्व मंत्री को एक बॉडीगार्ड भी देना मुश्किल है?”
प्रवीण प्रभाकर ने मांग की कि सहिस की सुरक्षा अविलंब बहाल की जाए, अन्यथा पार्टी इसे बर्दाश्त नहीं करेगी।
सुरक्षा को लेकर सरकार का रवैया पक्षपातपूर्ण: आजसू नेता
प्रवीण प्रभाकर ने यह भी याद दिलाया कि पूर्व में आजसू प्रमुख सुदेश महतो का आवास जबरन खाली कराया गया, जबकि झामुमो प्रमुख शिबू सोरेन को आजीवन सरकारी आवास दिया गया था। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट रूप से राजनीतिक भेदभाव को दर्शाता है।
पूर्णिया घटना को कांग्रेस बना रही चुनावी मुद्दा: प्रभाकर
बिहार के पूर्णिया जिले में 5 आदिवासियों को जिंदा जलाए जाने की घटना पर दुख व्यक्त करते हुए प्रभाकर ने कहा कि दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। लेकिन उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस इस गंभीर घटना का राजनीतिक लाभ उठाना चाह रही है।
उन्होंने कहा, “झारखंड के कांग्रेस नेता बिहार चुनाव को लेकर ज्यादा चिंतित हैं। सवाल ये उठता है कि क्या कांग्रेस के पास बिहार में कोई स्थानीय नेता नहीं है, जो झारखंड से नेताओं को भेजा जा रहा है?”
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ओबीसी आयोग गठन में भी दिखी सरकार की हिचक
प्रभाकर ने कहा कि सरकार ओबीसी वर्ग को उनका अधिकार नहीं देना चाहती। आजसू पार्टी के निरंतर दबाव के बाद ही सरकार ने पिछड़ा आयोग का गठन किया और ट्रिपल टेस्ट प्रक्रिया शुरू की है।
डायन प्रथा पर राज्य सरकार नाकाम: आजसू का आरोप
झारखंड में डायन–बिसाही प्रथा पर चिंता जताते हुए उन्होंने बताया कि सरकारी आंकड़ों के अनुसार केवल खूंटी जिले में 3 साल में 650 से अधिक महिलाएं प्रताड़ित हुई हैं। उन्होंने कहा कि खूंटी, गुमला, लोहरदगा, दुमका और पूर्वी सिंहभूम जैसे जिलों में यह कुप्रथा अब भी गहराई से मौजूद है।
दर्जनों युवाओं ने थामा आजसू का दामन
आजसू छात्र संघ की ओर से आयोजित मिलन समारोह में बड़ी संख्या में युवाओं और छात्रों ने पार्टी की सदस्यता ली। इस अवसर पर वरिष्ठ नेता प्रवीण प्रभाकर ने युवाओं का स्वागत किया और कहा कि “राज्य में युवाओं का आजसू के प्रति विश्वास लगातार बढ़ रहा है।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की समस्याओं के प्रति असंवेदनशील हैं और शैक्षणिक माहौल की दिशा में कोई सकारात्मक प्रयास नहीं हो रहे हैं।
छात्र संघ बना रहा कॉलेज स्तर पर संगठन
समारोह की अध्यक्षता कर रहे छात्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा ने बताया कि प्रत्येक कॉलेज में संगठनात्मक ढांचा तैयार किया जा रहा है ताकि छात्रों की आवाज को मजबूती मिले। कार्यक्रम का संचालन ऋतुराज शाहदेव ने किया।
सदस्यता लेने वाले प्रमुख युवा चेहरे
गौरव सिंह के नेतृत्व में दर्जनों युवाओं ने आजसू की सदस्यता ली। प्रमुख नामों में शामिल हैं:
सुशांत सिंह, प्रिंस सिंह, शाहिद अंसारी, उज्ज्वल उरांव, पीयूष यादव, तरुण, सुधांशु शाही, निर्भय शाही, प्रणव शर्मा, लाल अर्पित नाथ शाहदेव, मयूर मनोज, शिवम सिंह, निखिल, रोशन कुमार, कृष कुमार, अंकित, हनी गर्ग, राहुल उपाध्याय, अभिनव कुमार, नीतीश सिंह आदि।
उपस्थित गणमान्य व्यक्ति
समारोह में राजेश सिंह, रोशन नायक, अमन साहू, हिमांशु सिंह, सुरदीप तिग्गा, राज दुबे और विकास महतो समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
