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राज्यभर के वित्त रहित शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों और प्राचार्यों ने अनुदान की मांग को लेकर बड़ा आंदोलन छेड़ दिया है। आज सुबह से ही आंदोलन की शुरुआत हो चुकी है, जिससे शिक्षा विभाग पर दबाव बढ़ता दिख रहा है।
04 अप्रैल को पुतला दहन का ऐलान
मोर्चा ने निर्णय लिया है कि 04 अप्रैल 2026 को राज्य के सभी वित्त रहित शिक्षण संस्थानों के मुख्य द्वार पर
शिक्षा सचिव, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग का पुतला दहन किया जाएगा।
पुतला दहन के बाद सभी संस्थान मुख्यमंत्री के नाम पत्र भी लिखेंगे।
अनुदान कटौती पर बवाल: 4 अप्रैल को पुतला दहन, 10 अप्रैल को राजभवन घेराव
10 अप्रैल को महाधरना
मोर्चा ने आगे की रणनीति तय करते हुए कहा है कि
0 अप्रैल 2026 को लोक भवन के सामने विशाल महा धरना दिया जाएगा।
इस दौरान महामहिम राज्यपाल को मांगों से संबंधित ज्ञापन भी सौंपा जाएगा।
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अनुदान मिलने तक जारी रहेगा आंदोलन
मोर्चा ने साफ कहा है कि
जब तक 223 स्कूल और इंटर कॉलेज को अनुदान स्वीकृत नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।
रांची में हुई बैठक में लिया गया फैसला
यह अहम निर्णय सर्वोदय बाल निकेतन उच्च विद्यालय, धुर्वा (रांची) में आयोजित बैठक में लिया गया, जिसमें राज्यभर के वित्त रहित संस्थानों के प्राचार्य और शिक्षक प्रतिनिधि शामिल हुए।
सभी संस्थानों की भागीदारी अनिवार्य
मोर्चा ने निर्देश दिया है कि
- सभी संस्थान पुतला दहन कार्यक्रम में भाग लें
- कार्यक्रम की फोटो मोर्चा और जिला मीडिया को भेजें
- जिन संस्थानों को अनुदान मिल चुका है, उनकी भी भागीदारी जरूरी होगी
कुंदन कुमार सिंह, रघुनाथ सिंह, हरिहर प्रसाद कुशवाहा, फजलुल कदीर अहमद, चंदेश्वर पाठक, अरविंद सिंह, देवनाथ सिंह, गणेश महतो, मनोज तिर्की, मनीष कुमार, नरोत्तम सिंह, संजय कुमार, रेशमा बेक, अनिल तिवारी, विनय उरांव, रघु विश्वकर्मा, मनोज कुमार, रणजीत मिश्रा एवं अन्य साथीगण।
