नशे के खिलाफ मुहिम: राज्य में विशेष कोर्ट और वित्तीय अनुसंधान पर चर्चा।

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झारखंड में मादक पदार्थों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई: मुख्य सचिव की बैठक के प्रमुख बिंदु


रांची: 16 अप्रैल, 2025 – झारखंड की मुख्य सचिव अलका तिवारी की अध्यक्षता में मंगलवार को नार्को को-ऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) की पांचवीं राज्यस्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में गृह विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती वंदना दादेल, डीजीपी श्री अनुराग गुप्ता, समाज कल्याण सचिव श्री मनोज कुमार, उत्पाद सचिव श्री अमिताभ कौशल और स्कूली शिक्षा सचिव उमाकांत सिंह समेत अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में ड्रग्स के उत्पादन, वितरण और उपभोग पर कड़ी निगरानी रखने के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए।

Jharkhand Drugs ControlChief Secretary Alka Tiwari
नशे के खिलाफ मुहिम

मुख्य सचिव का निर्देश: अवैध ड्रग्स कारोबार पर कड़ी कार्रवाई

मुख्य सचिव अलका तिवारी ने उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया कि वे नशे के अवैध कारोबार से जुड़े तत्वों पर त्वरित और सख्त कार्रवाई करें। उन्होंने ड्रग्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और जन जागरूकता अभियान को और प्रभावी बनाने पर बल दिया। इसके साथ ही उन्होंने दवा की दुकानों से नशीली दवाइयों और सीरप की बिक्री को नियंत्रित करने के लिए कार्यवाई करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

पोस्ते की फसल में छहगुना वृद्धि: ड्रग्स पर नियंत्रण

बैठक में यह जानकारी दी गई कि 2024-25 में पोस्ते की फसल के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया, जिससे 27015 एकड़ में लगी पोस्ते की फसल को नष्ट किया गया। यह 2023-24 की तुलना में छह गुना अधिक है। इसके अलावा, मादक पदार्थों के खिलाफ 2024 में 803 केस दर्ज किए गए और 1062 गिरफ्तारी की गई, जो 2023 की तुलना में कहीं अधिक है।

नशे के अवैध धंधे पर नियंत्रण के लिए प्रशिक्षित किए जा रहे अधिकारी

नशे के अवैध धंधे पर नियंत्रण के लिए राज्य की पुलिस और अन्य प्रवर्तन एजेंसियों के अधिकारियों को लगातार प्रशिक्षित किया जा रहा है। स्वापक नियंत्रण ब्यूरो के सहयोग से राज्य पुलिस को एनडीपीएस एक्ट के महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया गया है। साथ ही अनुसंधान प्रशिक्षण विद्यालय, होटवार, रांची में भी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

मादक पदार्थों के निपटाव में कड़ी निगरानी

बैठक में जब्त किए गए मादक पदार्थों के निपटाव को सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। यह निर्देश दिया गया कि सभी जिलों में मालखाना निर्माण के कार्य को शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि जब्त मादक पदार्थों को सुरक्षित रखा जा सके और समय पर उनका निपटाव किया जा सके।

मानस पोर्टल: अवैध मादक पदार्थों पर नियंत्रण के लिए जन जागरूकता

मादक पदार्थों के उत्पादन, वितरण और उपभोग पर नियंत्रण के लिए जुलाई 2024 में मानस (MANAS) पोर्टल लांच किया गया था। इस पोर्टल के माध्यम से आम लोग अवैध मादक पदार्थों से संबंधित सूचनाएं दे सकते हैं। इन सूचनाओं की पहचान गुप्त रहती है और यदि सूचना सत्य होती है, तो सूचनादाता को ईनाम भी दिया जाता है। अब तक इस पोर्टल के माध्यम से 60,000 से अधिक सूचनाएं प्राप्त हुई हैं, जिनमें से रांची से 70 सूचनाएं प्राप्त हुई हैं।

मादक पदार्थों की जांच के लिए किट की खरीदारी

बैठक के दौरान मादक पदार्थों की जांच के लिए किट खरीदने का निर्देश भी दिया गया। संबंधित जिलों के उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को 15 दिनों के भीतर इन किट्स की खरीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया। इन किट्स के माध्यम से मादक पदार्थों की जांच प्राथमिक तौर पर की जा सकेगी, जिससे न्यायिक कार्यवाही में कोई रुकावट न आए।

विशेष कोर्ट और वित्तीय अनुसंधान पर चर्चा

बैठक के दौरान मादक पदार्थों से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए जिलों में विशेष कोर्ट के गठन और वित्तीय अनुसंधान पर भी चर्चा की गई। यह कदम मादक पदार्थों के अवैध व्यापार पर कड़ी निगरानी रखने और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

झारखंड सरकार की यह बैठक राज्य में मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों की दिशा और गति को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। न केवल कानून की सख्त कार्रवाई, बल्कि जन जागरूकता और प्रशिक्षण के माध्यम से राज्य में नशे के अवैध कारोबार पर काबू पाया जा सकता है।

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