BJP- आदिवासियों की जमीन पर हमला विकास नहीं, राष्ट्रध्वंस है.

झारखंड/बिहार ताज़ा ख़बर राष्ट्रीय ख़बर विधानसभा चुनाव

बाबूलाल मरांडी बोले – विकास नहीं, यह झारखंड का विनाश है

मुख्य बिंदु:

  • नगड़ी में किसानों की उपजाऊ ज़मीन अधिग्रहण पर बीजेपी का कड़ा विरोध

  • बाबूलाल मरांडी ने कहा – बिना ग्रामसभा की सहमति भूमि अधिग्रहण असंवैधानिक

  • रैयतों से मुलाकात कर भाजपा नेता ने जताई संवेदना

  • “जरूरत पड़ी तो अदालत जाएंगे, जनांदोलन करेंगे”

  • “झारखंड को बेचने पर तुली है हेमंत सरकार” – मरांडी का आरोप



नगड़ी पहुंचे बाबूलाल मरांडी, किसानों की सुनी पीड़ा

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी रांची के कांके प्रखंड स्थित नगड़ी पहुंचे, जहां उन्होंने आदिवासी रैयत किसानों से मुलाकात की। ये किसान अपनी उपजाऊ ज़मीन पर निर्माण योजना का विरोध कर रहे हैं। मरांडी ने कहा कि यह योजना विकास नहीं, बल्कि झारखंड के किसानों और आदिवासियों की आजीविका पर हमला है।

सरकार अस्पताल बनाए, लेकिन बंजर भूमि पर – मरांडी

मरांडी ने सवाल उठाया कि जिन लोगों की आजीविका खेती पर टिकी है, उन्हें क्यों उजाड़ा जा रहा है? उन्होंने कहा कि यदि सरकार अस्पताल ही बनाना चाहती है तो रांची के चारों ओर बंजर ज़मीन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि ज़रूरत पड़ी तो हम खुद ऐसी ज़मीन ढूंढ कर देंगे, लेकिन उपजाऊ खेतों को बर्बाद नहीं होने देंगे।

पहले भी हुआ था भूमि अधिग्रहण का विरोध

मरांडी ने याद दिलाया कि इसी क्षेत्र में लॉ यूनिवर्सिटी के निर्माण के दौरान भी किसानों की ज़मीन ली गई थी, जिसका जोरदार विरोध हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की “वक्र दृष्टि” एक बार फिर इस ज़मीन पर पड़ी है और रैयतों को उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है।



इसे भी पढ़ें-

Babulal- “झारखंड में घोटाला, रायपुर में डील! CBI जांच से क्यों कांप रही सरकार?”



“झारखंड को बेचने पर तुली है सरकार” – सीधा हमला मुख्यमंत्री पर

बीजेपी नेता ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि यह सरकार झारखंड को बेचने पर आमादा है। उन्होंने दावा किया कि ग्रामीणों द्वारा दिखाई गई ज़मीन अधिग्रहण की फाइल में न कोई अधिसूचना है, न मुआवज़ा निर्धारण, और न ही ग्रामसभा की स्वीकृति।

संविधान और कानून की अनदेखी – आदिवासियों के अधिकारों का उल्लंघन

मरांडी ने कहा कि संविधान के अनुसार ग्रामसभा की अनुमति के बिना आदिवासियों की ज़मीन ली ही नहीं जा सकती। लेकिन हेमंत सरकार पुलिस बल की मदद से ज़मीन छीन रही है, जो लोकतंत्र का गला घोंटने जैसा है। उन्होंने इसे आदिवासी अधिकारों का खुला उल्लंघन बताया।

भाजपा लड़ेगी ज़मीन अधिग्रहण के खिलाफ निर्णायक लड़ाई

बाबूलाल मरांडी ने एलान किया कि भाजपा इस अन्याय के खिलाफ विधानसभा से लेकर सड़क और ज़रूरत पड़ी तो अदालत तक जाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी जनांदोलन चलाएगी और हर मोर्चे पर आदिवासी किसानों का साथ देगी।

सैकड़ों रैयतों की उपस्थिति, भाजपा का समर्थन

इस मौके पर गाँव के सैकड़ों आदिवासी रैयत मौजूद थे। स्थानीय नेता अशोक बड़ाईक, बाल्कू उरांव समेत कई लोगों ने भी मरांडी का समर्थन किया और सरकार के फैसले को जनविरोधी बताया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *