बंधु तिर्की ने हाथी हमले में मृत ग्रामीण के परिजनों से की मुलाकात, आर्थिक मदद दी.

झारखंड/बिहार ताज़ा ख़बर विधानसभा चुनाव

बंधु तिर्की ने जंगली हाथी के हमले में मृत ग्रामीण के परिजनों से की मुलाकात, मुआवजे की मांग तेज
कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष ने जताया दुख, प्रशासन से की त्वरित सहायता की अपील


प्रमुख बिंदु

  • पाकरटोली गांव में जंगली हाथी के हमले से गुपईन उरांव की दर्दनाक मौत

  • कांग्रेस नेता बंधु तिर्की ने गांव पहुंचकर परिजनों को दी सांत्वना

  • आर्थिक सहयोग के साथ मुआवजा देने की मांग

  • प्रखंड पदाधिकारियों से त्वरित कार्रवाई की अपील



घटना स्थल पर पहुंचे कांग्रेस नेता

रांची, 15 जुलाई 2025- चान्हों प्रखंड के पंडरी पंचायत स्थित पाकरटोली गांव में जंगली हाथी के हमले में ग्रामीण गुपईन उरांव की मौत के बाद स्थानीय स्तर पर शोक की लहर है। इस दर्दनाक घटना के बाद कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री बंधु तिर्की आज पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर गहरी संवेदना प्रकट की और उन्हें हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

सोशल मीडिया के जरिए दी जानकारी

बंधु तिर्की ने इस मुलाकात की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कहा कि जंगली जानवरों के हमले से ग्रामीणों की जान जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने लिखा कि पीड़ित परिवार को न सिर्फ सांत्वना दी गई, बल्कि तत्काल आर्थिक सहायता भी दी गई है ताकि वे इस कठिन समय में कुछ राहत महसूस कर सकें।

मुआवजा और सरकारी मदद की मांग

नेता ने बताया कि उन्होंने प्रखंड पदाधिकारी और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से बात कर पीड़ित परिवार को मुआवजा, सरकारी योजनाओं का लाभ और अन्य जरूरी सहायता देने की मांग की है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं में त्वरित कार्रवाई बेहद जरूरी है ताकि पीड़ितों को जल्द न्याय और राहत मिल सके।

वन्यजीव खतरा और सरकार की जिम्मेदारी

बंधु तिर्की ने यह भी कहा कि झारखंड के कई ग्रामीण क्षेत्रों में जंगली हाथियों का खतरा लगातार बना हुआ है, जिससे जान-माल की हानि हो रही है। उन्होंने सरकार से मांग की कि ऐसे क्षेत्रों में वन विभाग की सक्रियता बढ़ाई जाए और सतत निगरानी रखी जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकी जा सकें।

जंगली हाथी द्वारा मारे गए ग्रामीण के घर जाकर बंधु तिर्की का संवेदना प्रकट करना एक मानवीय पहल है, लेकिन यह घटना वन्यजीव नियंत्रण और आपदा राहत व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े करती है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी से कदम उठाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *