झारखंड के सहायक अध्यापकों ने दी चेतावनी: 5 सितंबर को करेंगे मुख्यमंत्री आवास का घेराव.

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झारखंड के 2000 सहायक अध्यापकों की सेवा समाप्ति पर उबाल, संघर्ष मोर्चा ने दी विधानसभा घेराव और सीएम आवास मार्च की चेतावनी

मुख्य बिंदु:

मोरहाबादी मैदान में राज्य स्तरीय बैठक का आयोजन

24 जिलों से पहुंचे 500 से अधिक सहायक अध्यापक

समान वेतन, सेवा बहाली और 65 वर्ष तक सेवा की मांग

19-20 जुलाई को विधायकों को सौंपा जाएगा मांग पत्र

5 सितंबर को मुख्यमंत्री आवास और 15 नवंबर को काला झंडा प्रदर्शन की चेतावनी



रांची में जुटे सहायक अध्यापक, वेतनमान और सेवा बहाली को लेकर उठी एकजुट आवाज

रांची, 13 जुलाई 2025- झारखंड सहायक अध्यापक संघर्ष मोर्चा की राज्य स्तरीय बैठक आज 13 जुलाई को रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित की गई। बैठक में राज्यभर के 24 जिलों से आए जिला अध्यक्ष, सचिव, प्रखंड कमेटियों समेत करीब 500 सहायक अध्यापक-अध्यापिकाओं ने भाग लिया।

Para Teachers

 

बैठक की अध्यक्षता मोर्चा के वरिष्ठ सदस्य विनोद बिहारी महतो ने की, जबकि संचालन विनोद तिवारी और संजय दुबे ने संयुक्त रूप से किया।

सरकार के वादे अधूरे, सहायक अध्यापकों में आक्रोश

बैठक में वक्ताओं ने जोर देते हुए कहा कि सरकार ने सहायक अध्यापकों से किए गए वादों में 90% अब तक पूरा नहीं किया है। समान काम का समान वेतन, समान वेतनमान, तथा 65 वर्ष तक सेवा की अवधि जैसे मुद्दे अभी तक लंबित हैं।

सबसे बड़ा रोष इस बात को लेकर है कि करीब 2000 सहायक अध्यापकों को सर्टिफिकेट जांच के नाम पर कार्यमुक्त करने की तैयारी हो रही है। मोर्चा के नेताओं ने इसे मनमाना और अन्यायपूर्ण निर्णय बताया, जिससे पूरे राज्य के सहायक अध्यापक वर्ग में गहरा आक्रोश है।

विधानसभा सत्र में होगा घेराव, चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि:

19 और 20 जुलाई को सभी जिला एवं प्रखंड कमेटियाँ मिलकर सत्ता पक्ष व विपक्ष के विधायकों व मंत्रियों को मांग पत्र सौंपेंगी।

विधानसभा के मानसून सत्र में जोरदार विधानसभा घेराव किया जाएगा।

यदि सरकार फिर भी वार्ता नहीं करती और मांगें नहीं मानती, तो:

5 सितंबर को मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा।

15 नवंबर 2025 को मोरहाबादी मैदान में एकत्र होकर सभी सरकारी कार्यक्रमों का विरोध और काला झंडा प्रदर्शन किया जाएगा।

 

मोर्चा ने यह भी स्पष्ट किया कि इस आंदोलन की सूचना सरकार को 14 जुलाई को लिखित रूप में दी जाएगी।

राज्य कमेटी के नेता रहे मौजूद

बैठक में कई प्रमुख नेताओं ने भाग लिया जिनमें शामिल थे —
विनोद बिहारी महतो, विनोद तिवारी, संजय दुबे, ऋषिकेश पाठक, दिलशाद अंसारी, सिंटू सिंह, विकास कुमार चौधरी, सुमन कुमार, निरंजन दे, बेलाल अहमद, नरोत्तम सिंह मुंडा, सुशील पांडे, भागवत तिवारी, सकील अहमद, वीरेंद्र राय, बैजनाथ महतो, मनोज घोष, सुभाष मेहता, रणजीत सिंह, सहित कई अन्य राज्य कमेटी सदस्य।

साथ ही पिंकी राय, जया रानी, सीमा कुमारी, सुनील चौधरी, अनुज दुबे, गुड्डू चौधरी और अन्य महिला व पुरुष सहायक अध्यापक भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

सहायक अध्यापक बोले – आर-पार की लड़ाई को तैयार

बैठक में मौजूद सहायक अध्यापकों ने स्पष्ट कहा कि वे अब चुप बैठने वाले नहीं हैं। यदि सरकार ने जल्द समाधान नहीं किया, तो यह आंदोलन राज्यव्यापी जनांदोलन का रूप लेगा। मोर्चा ने सरकार से वार्ता की पहल की अपील भी की, लेकिन चेताया कि अब संघर्ष अंतिम मोड़ पर है।

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