एमिटी यूनिवर्सिटी झारखंड में रैगिंग विरोधी जागरूकता सत्र, छात्रों ने लिया रैगिंग मुक्त परिसर का संकल्प
प्रमुख बिंदु
-
12 अगस्त 2025 को एमिटी यूनिवर्सिटी झारखंड में रैगिंग विरोधी जागरूकता सत्र आयोजित
-
2016 से अब तक परिसर में रैगिंग की कोई घटना दर्ज नहीं
-
छात्रों को रैगिंग के कानूनी परिणाम और एंटी-रैगिंग एक्ट की जानकारी दी गई
-
ऑनलाइन एंटी-रैगिंग अंडरटेकिंग भरने की प्रक्रिया बताई गई
-
सभी छात्रों ने रैगिंग मुक्त वातावरण बनाए रखने का संकल्प लिया
सत्र का आयोजन और उद्देश्य
रांची, 12 अगस्त 2025- एमिटी यूनिवर्सिटी झारखंड के विजन और मिशन को ध्यान में रखते हुए, छात्र कल्याण विभाग ने 12 अगस्त 2025 को रैगिंग विरोधी जागरूकता सत्र का आयोजन किया। यह कार्यक्रम माननीय संस्थापक अध्यक्ष और कुलाधिपति के आशीर्वाद से आयोजित हुआ, जिसमें रैगिंग के खिलाफ जागरूकता और अनुशासन बनाए रखने पर जोर दिया गया
।
कुलपति और एसोसिएट डीन का संबोधन
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अशोक के. श्रीवास्तव ने सत्र के लिए अपनी शुभकामनाएँ दीं। वहीं, एसोसिएट डीन – छात्र कल्याण डॉ. प्रभात कुमार त्रिपाठी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि एमिटी को रैगिंग मुक्त परिसर बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने गर्व के साथ बताया कि 2016 में विश्वविद्यालय की स्थापना के बाद से आज तक रैगिंग की एक भी घटना सामने नहीं आई है, जिसका श्रेय छात्रों के अनुशासन और शिष्टाचार को जाता है।

कानूनी जानकारी और एंटी-रैगिंग एक्ट
एमिटी लॉ स्कूल के सहायक प्रोफेसर डॉ. विश्वदीप दत्ता ने छात्रों को रैगिंग के कानूनी परिणामों और एंटी-रैगिंग एक्ट के प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार का मानसिक या शारीरिक शोषण रैगिंग की श्रेणी में आता है और इसके गंभीर कानूनी परिणाम हो सकते हैं।

अंडरटेकिंग और संकल्प
सत्र में छात्रों को ऑनलाइन एंटी-रैगिंग अंडरटेकिंग भरने की प्रक्रिया बताई गई। अंत में, सभी छात्रों ने परिसर को रैगिंग मुक्त रखने, कनिष्ठ छात्रों से सम्मानपूर्वक व्यवहार करने और केवल शैक्षणिक व रचनात्मक गतिविधियों में शामिल होने का संकल्प लिया।
