मेजर पॉइंट्स
• बोकारो की 50 वर्षीय महिला को लंबे समय से हो रहा था अत्यधिक रक्तस्राव
• जांच में गर्भाशय में बड़ा ट्यूमर और ग्रेड-3 बवासीर की पुष्टि
• डॉक्टरों ने एक साथ दो जटिल सर्जरी कर मरीज को दी राहत
• ऑपरेशन के तीसरे दिन स्थिर हालत में अस्पताल से मिली छुट्टी
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पारस एचईसी हॉस्पिटल में जटिल सर्जरी सफल
रांची के धुर्वा स्थित पारस एचईसी हॉस्पिटल में डॉक्टरों की टीम ने एक जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देकर मरीज को नई जिंदगी दी। बोकारो की रहने वाली 50 वर्षीय महिला लंबे समय से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं। उन्हें अनियमित और अत्यधिक मासिक रक्तस्राव की शिकायत थी, जिससे उनकी स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही थी।
डॉक्टरों के अनुसार महिला को लगभग हर 20 दिन के अंतराल पर भारी ब्लीडिंग हो रही थी, जिससे शरीर में कमजोरी और अन्य जटिलताएं भी बढ़ रही थीं। स्थिति को देखते हुए उन्हें इलाज के लिए पारस एचईसी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।
जांच में गर्भाशय में बड़ा ट्यूमर और ग्रेड-3 बवासीर की पुष्टि
अस्पताल में डॉक्टरों की टीम द्वारा की गई विस्तृत जांच के दौरान पता चला कि महिला के गर्भाशय में बड़ा ट्यूमर मौजूद है। इसके साथ ही उन्हें ग्रेड-3 बवासीर की गंभीर समस्या भी थी।
इस कारण मलाशय से भी लगातार रक्तस्राव हो रहा था, जिससे मरीज की स्थिति और अधिक जटिल हो गई थी। डॉक्टरों के सामने चुनौती यह थी कि दोनों समस्याएं गंभीर थीं और दोनों का इलाज करना आवश्यक था।
एक साथ की गई दो बड़ी सर्जरी
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों की टीम ने विस्तृत तैयारी और परीक्षण के बाद एक साथ दो सर्जरी करने का निर्णय लिया।
चीफ जनरल एवं लैप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. अमरेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने टोटल लैप्रोस्कोपिक हिस्टेरेक्टॉमी (गर्भाशय की सर्जरी) और ओपन हेमोरॉयडेक्टॉमी (बवासीर की सर्जरी) को एक साथ सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
यह एक जटिल प्रक्रिया थी, लेकिन डॉक्टरों की विशेषज्ञता और आधुनिक तकनीक की मदद से ऑपरेशन सफल रहा।
ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार
सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार देखा गया। अस्पताल के डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की निगरानी में इलाज जारी रहा और ऑपरेशन के तीसरे दिन महिला की हालत पूरी तरह स्थिर होने पर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।इस सफल सर्जरी से मरीज और उनके परिवार ने राहत की सांस ली।
समय पर इलाज से मिली बड़ी राहत
डॉ. अमरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मरीज लंबे समय से अत्यधिक रक्तस्राव, गर्भाशय के बड़े ट्यूमर और ग्रेड-3 बवासीर की समस्या से परेशान थीं। विस्तृत जांच और तैयारी के बाद दोनों सर्जरी एक साथ करने का फैसला लिया गया।
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा और अब मरीज की स्थिति स्थिर और बेहतर है। समय पर सही उपचार मिलने से मरीज को बड़ी राहत मिली है।
अस्पताल में उपलब्ध हैं आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं
वहीं हॉस्पिटल के फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ. नीतेश कुमार ने बताया कि पारस एचईसी हॉस्पिटल में आधुनिक तकनीक और अनुभवी विशेषज्ञों की टीम के माध्यम से मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस तरह की जटिल सर्जरी का सफल होना इस बात का प्रमाण है कि अस्पताल में उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं मौजूद हैं। अस्पताल का प्रयास है कि झारखंड और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण और भरोसेमंद इलाज मिल सके।
