सरायकेला में इंटर छात्रा का धर्म परिवर्तन कर विवाह, भाजपा ने जताई कड़ी आपत्ति
मुख्य बिंदु-
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सरायकेला में इंटरमीडिएट छात्रा का धर्मांतरण कर बंगाल में विवाह का मामला सामने आया
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युवक तस्लीम पहले से तीन बच्चों का पिता
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छात्रा की उम्र पर भी संदेह, प्रमाणिकता जांच का मुद्दा
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भाजपा प्रवक्ता राफिया नाज़ ने घटना को बताया राज्य सरकार की विफलता
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झारखंड में ‘एंटी-लव जिहाद कानून’ बनाने की मांग तेज
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मुख्यमंत्री पर बेटियों की सुरक्षा को नजरअंदाज करने का आरोप
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एनसीआरबी रिपोर्ट से महिला अपराधों में 12% वृद्धि का खुलासा
घटना का विवरण
झारखंड के सरायकेला से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां इंटरमीडिएट की एक छात्रा का जबरन धर्म परिवर्तन कर पश्चिम बंगाल में विवाह कराए जाने का आरोप लगा है। आरोपी युवक तस्लीम पहले से ही तीन बच्चों का पिता है, जिससे मामला और भी संवेदनशील हो गया है। युवती की उम्र 19 वर्ष बताई गई है, लेकिन इसकी प्रमाणिकता पर भी सवाल उठ रहे हैं, जिससे इस घटना की गंभीरता और बढ़ गई है।
भाजपा प्रवक्ता राफिया नाज़ ने जताई चिंता
भारतीय जनता पार्टी की झारखंड प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज़ ने इस घटना पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने इसे एक मासूम बच्ची के भविष्य के साथ खिलवाड़ करार देते हुए कहा कि यह राज्य में फैलते जबरन धर्मांतरण के नेटवर्क को उजागर करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार बेटियों की सुरक्षा करने में बुरी तरह विफल रही है और कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक बनती जा रही है।

भाजपा ने ‘एंटी-लव जिहाद कानून’ बनाने की उठाई मांग
राफिया नाज़ ने कहा कि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और हरियाणा जैसे भाजपा शासित राज्यों ने ‘लव जिहाद’ के खिलाफ कड़े कानून बनाए हैं, जिससे इन राज्यों में इस तरह के अपराधों में उल्लेखनीय गिरावट आई है। उन्होंने झारखंड सरकार से भी आग्रह किया कि जल्द से जल्द राज्य में ‘एंटी-लव जिहाद कानून’ बनाया जाए और प्रत्येक जिले में एक विशेष निगरानी तंत्र की स्थापना की जाए ताकि ऐसी घटनाओं को समय रहते रोका जा सके।
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अपराध को रोकने के लिए सशक्त कानून की जरूरत
राफिया ने जोर देकर कहा कि अपराध होने के बाद कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि अपराध को होने से पहले रोकना आवश्यक है। इसके लिए एक सशक्त और प्रभावी कानून तथा निगरानी व्यवस्था की तत्काल जरूरत है। उन्होंने आगाह किया कि यदि अपराधियों पर त्वरित और कठोर कार्रवाई नहीं हुई, तो समाज में भय और अविश्वास का माहौल गहरा सकता है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर सीधा हमला
राफिया नाज़ ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए कहा कि जब राज्य में बेटियों की अस्मिता से खिलवाड़ हो रहा है, तब मुख्यमंत्री ‘समर स्पेशल हॉलिडे’ और ‘शॉपिंग फेस्टिवल’ में व्यस्त हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि विदेश यात्रा से लौटते ही इस संवेदनशील मामले पर उच्च स्तरीय जांच कराएं और दोषियों को कड़ी सजा दिलवाएं। यदि जांच में पीड़िता की उम्र 19 वर्ष से कम पाई जाती है, तो बाल संरक्षण अधिनियम, धर्मांतरण कानून और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत सख्त कार्यवाही की जाए।

राफिया नाज़ ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की 2022 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि झारखंड में महिला अपराधों में पिछले साल की तुलना में 12% वृद्धि दर्ज की गई है। यह आंकड़े राज्य सरकार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं और स्पष्ट संकेत देते हैं कि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और बिगड़ सकती है।
भाजपा का स्पष्ट संदेश
अंत में राफिया नाज़ ने दोहराया कि भाजपा का स्पष्ट मत है कि धर्म, जाति या मजहब के नाम पर छल, धोखा और अपराध को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भारतीय जनता पार्टी महिलाओं की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी और समाज विरोधी तत्वों के खिलाफ हर मोर्चे पर संघर्ष जारी रखेगी।
