घाटशिला उपचुनाव: जेएलकेएम ने रामदास मुर्मू को उतारा मैदान में, जनता में उत्साह का माहौल
मुख्य बिंदु:
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रामदास मुर्मू जेएलकेएम के आधिकारिक उम्मीदवार घोषित
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18 अक्टूबर को नामांकन पर्चा खरीदेंगे, 21 अक्टूबर को करेंगे नामांकन दाखिल
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टाइगर जयराम महतो और देवेंद्र नाथ महतो रहेंगे मौजूद
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स्थानीय नीति, रोजगार, पलायन और परिवारवाद रहेगा चुनावी मुद्दा
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उपचुनाव में अब बना त्रिकोणीय मुकाबला
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रांची/घाटशिला | 18 अक्टूबर 2025
घाटशिला उपचुनाव का राजनीतिक तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) ने शनिवार को अपने प्रत्याशी के रूप में रामदास मुर्मू के नाम पर मुहर लगा दी है। पार्टी के केंद्रीय संसदीय बोर्ड और केंद्रीय कमेटी के निर्णय के बाद जेएलकेएम के केंद्रीय अध्यक्ष और डुमरी विधायक टाइगर जयराम कुमार महतो ने औपचारिक रूप से रामदास मुर्मू को उम्मीदवार घोषित किया।
इस संबंध में जानकारी देते हुए पार्टी के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि घाटशिला उपचुनाव को पार्टी पूरी ताकत के साथ टाइगर जयराम महतो के नेतृत्व में लड़ेगी। उन्होंने बताया कि रामदास मुर्मू 2024 विधानसभा चुनाव में भी जेएलकेएम के उम्मीदवार रह चुके हैं और उन्हें 8093 वोट प्राप्त हुए थे। लंबे समय से वे क्षेत्र में सक्रिय हैं और जनता के बीच मजबूत पकड़ रखते हैं। उनके पुन: प्रत्याशी बनाए जाने से स्थानीय कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह का माहौल है।
18 अक्टूबर को खरीदेंगे पर्चा, 21 अक्टूबर को भरेंगे नामांकन
घोषणा के बाद प्रत्याशी रामदास मुर्मू ने बताया कि वे 18 अक्टूबर को नामांकन पर्चा खरीदेंगे और 21 अक्टूबर को नामांकन दाखिल करेंगे। इस दौरान केंद्रीय अध्यक्ष टाइगर जयराम कुमार महतो, केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष और आंदोलनकारी नेता देवेंद्र नाथ महतो सहित पार्टी के कई शीर्ष नेता मौजूद रहेंगे।
चुनाव में उठेंगे स्थानीय और रोजगार से जुड़े मुद्दे
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि पार्टी इस उपचुनाव में स्थानीय नीति, नियोजन नीति, रोजगार, पलायन, बेरोजगारी और परिवारवाद जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी। उन्होंने कहा कि जेएलकेएम जनता की आवाज़ बनकर इस चुनाव को जनता बनाम परिवारवाद की लड़ाई बनाएगी।
अब मुकाबला हुआ त्रिकोणीय
जेएलकेएम द्वारा प्रत्याशी की घोषणा के साथ ही घाटशिला उपचुनाव में अब त्रिकोणीय मुकाबला तय माना जा रहा है। एक ओर एनडीए और दूसरी ओर इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी मैदान में हैं, वहीं तीसरे मोर्चे के रूप में जेएलकेएम की एंट्री से चुनाव समीकरणों में नई हलचल देखी जा रही है।
