भाजपा का हमला: बाबूलाल मरांडी ने नई शराब नीति को बताया ‘माफिया नीति’, आंदोलन की चेतावनी
मुख्य बिंदु:
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हेमंत सरकार की नई शराब नीति पर भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी का तीखा हमला
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नीति को बताया माफियाओं को फायदा पहुंचाने वाली वैधानिक साजिश
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राज्य में तीसरे शराब घोटाले की नींव रखने का आरोप
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एक व्यक्ति को 140 दुकानों तक का प्रावधान, पारदर्शिता पर सवाल
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गरीब, ग्रामीण और बेरोजगारों को लाभ से वंचित करने की आलोचना
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भाजपा ने विरोध की चेतावनी दी, प्रखंड और जिला स्तर तक आंदोलन की तैयारी
तीसरे शराब घोटाले की नींव रखने का आरोप
नेता प्रतिपक्ष और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने एक बार फिर हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सरकार की नई शराब नीति को लेकर कहा कि यह नीति “शराब माफियाओं को कानूनी वैधता देने का जरिया” है। उन्होंने याद दिलाया कि इससे पहले दो शराब घोटाले हो चुके हैं, जो अभी जांच के दायरे में हैं, और अब तीसरी बार नई नीति के माध्यम से घोटाले की जमीन तैयार की जा रही है।

नीलामी प्रक्रिया से कब्जा और एकाधिकार का रास्ता
मरांडी ने कहा कि नई नीति के तहत नीलामी यूनिट आधारित होगी, जिसमें हर यूनिट में एक से चार दुकानें शामिल होंगी। कोई भी व्यक्ति अधिकतम 12 यूनिट ले सकता है। इसका अर्थ यह है कि एक व्यक्ति एक जिले में 48 दुकानें और पूरे राज्य में 140 तक दुकानें हासिल कर सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि कई व्यापारी पहले से ही अलग-अलग कंपनियां बनाकर तैयार बैठे हैं और इस नीति के तहत वे पूरे राज्य की शराब दुकानों पर कब्जा कर लेंगे।
‘माफियाओं को वैधानिक मान्यता’ और आम जनता के लिए कोई स्थान नहीं
भाजपा नेता ने कहा कि इस नीति के जरिए चंद रसूखदार लोग और सत्ता से जुड़े कारोबारी ही लाभ उठाएंगे। उन्होंने कहा कि बेरोजगार युवाओं, ग्रामीण उद्यमियों और महिलाओं के लिए इसमें कोई अवसर नहीं रखा गया है। यह नीति केवल मुनाफाखोरों के हित में है।
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एक दुकान, एक व्यक्ति की नीति अपनाने की मांग
मरांडी ने सुझाव दिया कि यदि सरकार वास्तव में रोजगार देना चाहती है, तो “एक व्यक्ति, एक दुकान” की नीति लागू करे। इसके साथ ही दुकान संचालन के लिए लाइसेंसधारी की सीधी भागीदारी और परिवार की उपस्थिति को अनिवार्य बनाया जाए। इससे पारदर्शिता आएगी और बिचौलियों का वर्चस्व समाप्त होगा।
महिलाओं और स्थानीय समुदायों को भागीदारी देने की मांग
उन्होंने अधिसूचित क्षेत्रों में जनसंख्या के आधार पर दुकानें आरक्षित करने की बात कही, ताकि स्थानीय समुदायों को उचित भागीदारी मिल सके। उन्होंने खासकर ग्रामीण महिलाओं की ओर इशारा करते हुए कहा कि जो महिलाएं सड़क किनारे हड़िया बेचने को मजबूर हैं, उन्हें वैध दुकानें देकर सम्मानजनक आजीविका का अवसर दिया जाए।
भाजपा का आंदोलन का ऐलान
मरांडी ने स्पष्ट कहा कि यदि सरकार इस नीति में सुधार नहीं करती, तो भाजपा पूरे राज्य में आंदोलन करेगी। पार्टी न सिर्फ विधानसभा में बल्कि सड़कों पर भी विरोध जताएगी। यह आंदोलन प्रखंड स्तर से लेकर जिला मुख्यालय तक चलाया जाएगा।
प्रेस वार्ता में मौजूद रहे कई भाजपा नेता
इस प्रेस वार्ता में भाजपा के मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक और प्रवक्ता अविनेश कुमार सिंह भी उपस्थित रहे।
