शहीद निर्मल महतो की 38वीं शहादत पर जाड़ेया में प्रतिमा का अनावरण, बारिश में भी उमड़ा जनसैलाब
मुख्य बिंदु
-
जाड़ेया में शहीद निर्मल महतो की आदमकद प्रतिमा का अनावरण
-
डुमरी विधायक जयराम महतो और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित
-
भारी बारिश के बावजूद लोगों की अपार भीड़
-
झारखंड गठन के 25 वर्ष बाद भी अशिक्षा, बेरोजगारी और विस्थापन की चुनौतियां
-
“संघर्ष जारी रहेगा” के संदेश के साथ श्रद्धांजलि
सिल्ली, 8 अगस्त 2025- सिल्ली विधानसभा अंतर्गत सोनाहातु प्रखंड के जाड़ेया में आज शहीद निर्मल महतो के 38वें शहादत दिवस पर उनकी आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया गया। इस अवसर पर डुमरी विधायक जयराम महतो, पार्टी नेता और स्थानीय लोग भारी संख्या में मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान बारिश लगातार होती रही, लेकिन इससे लोगों के उत्साह में कोई कमी नहीं आई।

भरोसे का प्रतीक बनी भीड़
भारी बारिश के बावजूद उमड़ी भीड़ इस बात का प्रतीक थी कि जनता का भरोसा आज भी जिंदा है और लोग शहीद निर्मल महतो के सपनों के झारखंड की उम्मीद लगाए हुए हैं। कार्यक्रम के दौरान जगह-जगह सड़क किनारे लगी महापुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी गई।

जनसभा में उठे सवाल
प्रतिमा अनावरण के बाद आयोजित जनसभा में शहीद निर्मल महतो के सपनों को साकार करने की बात दोहराई गई। वक्ताओं ने कहा, “सवाल बनकर फिर उठूँगा, जो बन सके जवाब रखना। मेरा खून बेकार ना जाए, मेरे खून का हिसाब रखना।” इन पंक्तियों ने लोगों में जोश भर दिया और संघर्ष के संकल्प को मजबूत किया।
झारखंड के 25 साल, चुनौतियां बरकरार
जनसभा में यह भी सवाल उठे कि झारखंड गठन के 25 वर्ष बीत जाने के बावजूद अशिक्षा, बेरोजगारी, पलायन, बेहाल स्वास्थ्य व्यवस्था और विस्थापन जैसी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। वक्ताओं ने कहा कि इसका साफ मतलब है कि नीति-निर्माताओं ने अपनी जिम्मेदारी पूरी तरह से निभाने में कहीं न कहीं चूक की है।
शहीद को नमन, संघर्ष का संकल्प
कार्यक्रम का समापन “शहीद निर्मल महतो अमर रहें, संघर्ष जारी रहेगा” के नारों के साथ हुआ। उपस्थित लोगों ने दोहराया कि शहीद के आदर्शों और उनके सपनों को साकार करने के लिए आंदोलन और संघर्ष लगातार जारी रहेगा।
