खूंटी में गूंजा संविधान बचाओ का संदेश, मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की बोलीं- RSS और BJP की विचारधारा देश के लिए खतरा
मुख्य बिंदु:
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खूंटी में कांग्रेस ने आयोजित की संविधान बचाओ रैली
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मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने BJP-RSS पर साधा निशाना
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कहा- केंद्र सरकार समाज को धर्म के नाम पर बाँट रही
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सरना धर्म कोड को लेकर कांग्रेस का बड़ा ऐलान
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बंधु तिर्की बोले- पेसा, भाषा और ग्रामसभा बचाने का एकमात्र रास्ता संविधान
डाक बंगला परिसर से उठी संविधान बचाओ की हुंकार
खूंटी जिला कांग्रेस कमिटी द्वारा डाक बंगला परिसर में “संविधान बचाओ सभा” का आयोजन किया गया, जिसके बाद शहर में भव्य रैली निकाली गई। इस आयोजन के माध्यम से कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर लोकतंत्र और संविधान को कमजोर करने का आरोप लगाया।

मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की का हमला: “RSS और BJP संविधान विरोधी”
राज्य की कृषि मंत्री और दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल की प्रभारी मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि भारत का संविधान आज खतरे में है। उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि वह जनता को धर्म के नाम पर उलझा रही है और समाज में विभाजन की राजनीति कर रही है।
“आपको खतरा नहीं, राज्य को आपसे खतरा था”: कांग्रेस का बाबूलाल पर हमला.
उन्होंने कहा, “जो खुद को हिंदू समाज का ठेकेदार कहते हैं, उन्हें जवाब देना चाहिए कि जब पहलगाम में धर्म पूछकर निर्दोषों की हत्या हुई, तब ये लोग कहाँ थे?” उन्होंने BJP पर ऑपरेशन सिंदूर जैसे सैन्य अभियानों को राजनीति का माध्यम बनाने का भी आरोप लगाया।

आदिवासी-दलितों के खिलाफ षड्यंत्र: सरना-सनातन के नाम पर हो रही साजिश
मंत्री ने कहा कि देश में आदिवासियों, दलितों और पिछड़ों के अस्तित्व को मिटाने की साजिश हो रही है। डीलिस्टिंग से लेकर सरना बनाम सनातन का विवाद खड़ा कर आदिवासी पहचान को खत्म करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि “इन तमाम वर्गों की रक्षा केवल संविधान ही कर सकता है।”
राहुल गांधी की लड़ाई को बताया संविधान बचाने की मुहिम
मंत्री शिल्पी ने कहा कि राहुल गांधी जनता के हक और अधिकार की लड़ाई बिना डरे लड़ रहे हैं और देशवासियों को उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चलना चाहिए।
कांग्रेस अध्यक्ष बोले- अब दिल्ली तक जाएगा सरना धर्म कोड का मुद्दा
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने रैली में कहा कि जातिगत जनगणना के लिए लड़ाई का परिणाम है कि केंद्र को झुकना पड़ा। अब सरना धर्म कोड की बारी है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब जनगणना में अन्य धर्मों के लिए कॉलम हैं तो सरना के लिए क्यों नहीं?
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरना धर्म कोड की मांग को लेकर दिल्ली तक आंदोलन करेगी। साथ ही BJP पर निशाना साधते हुए कहा कि “ये लोग मनुस्मृति लाना चाहते हैं, इन्हें संविधान पर भरोसा नहीं है।”

कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की ने बताया संविधान बचाओ आंदोलन का महत्व
कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की ने कहा कि 6 मई से रांची में इस अभियान की शुरुआत हुई थी और अब यह राज्यभर में चल रहा है। उन्होंने बताया कि संविधान के बिना भाषा, परंपरा, संस्कृति, ग्राम सभा, और पेसा जैसे अधिकारों की रक्षा संभव नहीं है।
बंधु तिर्की ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह संविधान को कमजोर कर समाज को तोड़ना और पूंजीपतियों के हाथों सत्ता सौंपना चाहती है।
कई बड़े नेता हुए शामिल
इस रैली को सांसद कालीचरण मुंडा, विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप बालमुचू, पूर्व मंत्री योगेंद्र साव, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजीव रंजन, और कांग्रेस नेत्री दयामनी बारला ने भी संबोधित किया।
