टाइगर जगरनाथ महतो की पुण्यतिथि: राजनीतिक दलों ने दी श्रद्धांजलि, संघर्ष को किया याद
मुख्य बिंदु
- टाइगर जगरनाथ महतो की पुण्यतिथि पर नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
- हेमंत सोरेन ने जल-जंगल-जमीन की लड़ाई को बताया प्रेरणा
- आजसू पार्टी ने भी उनके संघर्ष और योगदान को किया याद
पुण्यतिथि पर उमड़ा सम्मान और श्रद्धा
झारखंड आंदोलन के प्रमुख चेहरा और जन-जन के प्रिय नेता स्व. जगरनाथ महतो की पुण्यतिथि पर राज्यभर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस मौके पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उन्हें याद करते हुए उनके संघर्ष और योगदान को नमन किया।
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हेमंत सोरेन ने किया नमन, बताया प्रेरणास्रोत
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने टाइगर जगरनाथ महतो को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन जल, जंगल और जमीन की रक्षा तथा झारखंड की अस्मिता के लिए समर्पित कर दिया।
उन्होंने आगे कहा कि टाइगर दादा का संघर्ष, उनकी सोच और जनसेवा का भाव आज भी हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। साथ ही उन्होंने “टाइगर जगरनाथ दा अमर रहें” कहकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
आजसू पार्टी ने भी किया याद, संघर्ष को बताया विरासत
दूसरी ओर, आजसू पार्टी के नेता संजय मेहता ने भी स्व. जगरनाथ महतो को श्रद्धांजलि अर्पित की।
उन्होंने कहा कि झारखंड राज्य आंदोलन के अग्रणी सेनानी और पूर्व शिक्षा मंत्री के रूप में टाइगर जगरनाथ महतो का योगदान अविस्मरणीय है। उनका त्याग, तप और संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
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जल-जंगल-जमीन की लड़ाई का प्रतीक
दरअसल, टाइगर जगरनाथ महतो को झारखंड आंदोलन में उनकी सक्रिय भूमिका और आदिवासी अधिकारों की लड़ाई के लिए जाना जाता है। उन्होंने हमेशा जल, जंगल और जमीन की रक्षा को प्राथमिकता दी और इसी मुद्दे को लेकर जनआंदोलन को मजबूत किया।
निष्कर्ष: संघर्ष की विरासत आज भी जिंदा
स्पष्ट है कि टाइगर जगरनाथ महतो का जीवन और संघर्ष आज भी झारखंड की राजनीति और समाज में जीवित है।
उनकी पुण्यतिथि पर नेताओं द्वारा दी गई श्रद्धांजलि यह दिखाती है कि उनका योगदान सिर्फ इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है।
