शिक्षकों को राहत: वित्तरहित स्कूलों के लिए 75% अनुदान वृद्धि का रास्ता साफ.

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स्कूल और कॉलेजों में 75% अनुदान वृद्धि का रास्ता साफ, जल्द मिल सकता है मंत्रिमंडल की मंजूरी

मुख्य बिंदु-

  • 75% अनुदान वृद्धि प्रस्ताव पर वित्त मंत्री की सहमति मिल गई

  • अब कैबिनेट से अंतिम मंजूरी की तैयारी

  • 500 से अधिक स्कूलों-इंटर कॉलेजों के शिक्षक-कर्मचारी होंगे लाभान्वित

  • 2022 से लंबित प्रस्ताव को मिला गति

  • वित्त रहित स्कूल संघर्ष मोर्चा के संघर्ष का मिला परिणाम

  • कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और विधायकों ने दिया महत्वपूर्ण सहयोग



वित्त विभाग की सहमति के बाद कैबिनेट का रास्ता साफ

झारखंड में वित्तरहित स्कूलों और इंटर कॉलेजों के लिए लंबे समय से लंबित 75% अनुदान वृद्धि का रास्ता अब लगभग साफ हो गया है। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के प्रस्ताव को वित्त विभाग से स्वीकृति मिलने के बाद अब यह प्रस्ताव मंत्रिपरिषद की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

वित्त मंत्री ने दी प्रस्ताव को मंजूरी

स्कूली शिक्षा विभाग ने 25 अप्रैल 2025 को विभागीय मंत्री की सहमति के बाद अनुदान वृद्धि का प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा था। वित्त विभाग ने इस पर कार्रवाई करते हुए फाइल को वित्त मंत्री के अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया। 15 मई 2025 को वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने प्रस्ताव को स्वीकृति देते हुए संचिका स्कूली शिक्षा विभाग को लौटा दी।

दो वर्षों तक लटका रहा प्रस्ताव, अब मिली गति

वर्ष 2022 में महंगाई को देखते हुए शिक्षा विभाग ने अनुदान बढ़ाने का निर्णय लिया था। निदेशक माध्यमिक शिक्षा की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई, जिसमें 75% अनुदान वृद्धि की अनुशंसा की गई थी। हालांकि प्रशासनिक प्रक्रियाओं, त्रुटियों और चुनावी बाधाओं के कारण यह मामला बार-बार लटकता रहा।



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मोर्चा के संघर्ष और जनप्रतिनिधियों की पहल

इस पूरे मामले में वित्त रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा की भूमिका अहम रही। मोर्चा के नेताओं ने बार-बार शिक्षा विभाग, वित्त विभाग और मुख्यमंत्री से मुलाकात की। इसके अलावा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और वरिष्ठ विधायक रामचंद्र सिंह के सहयोग से मामला आगे बढ़ सका।

कैबिनेट की मंजूरी के बाद मिलेंगे लाभ

अब स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग इस प्रस्ताव को कैबिनेट के समक्ष रखने की तैयारी कर रहा है। संभावना है कि अगली कैबिनेट बैठक में इस पर अंतिम निर्णय हो जाएगा। मंजूरी मिलते ही 500 से अधिक स्कूलों और इंटर कॉलेजों में कार्यरत शिक्षक-कर्मचारियों को इस महंगाई भरे समय में बड़ी राहत मिलेगी।

मोर्चा ने जताया आभार

संघर्ष मोर्चा के नेताओं – कुंदन कुमार सिंह, रघुनाथ सिंह, अरविंद सिंह, मनीष कुमार, बिरसो उरांव, देवनाथ सिंह सहित कई अन्य शिक्षकों ने वित्त मंत्री, शिक्षा मंत्री, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और शिक्षा सचिव उमाशंकर सिंह के प्रति आभार जताया। मोर्चा ने कहा कि सचिव ने बार-बार त्रुटियों का निराकरण कर समय पर संचिका भेजने में सहयोग किया।

उम्मीद की किरण

मोर्चा के प्रतिनिधियों ने बताया कि मुख्यमंत्री से मुलाकात कर वे इस विषय पर लगातार आश्वासन प्राप्त करते रहे हैं। अब उन्हें पूर्ण विश्वास है कि मंत्रिमंडल से भी यह प्रस्ताव पारित हो जाएगा और शिक्षा जगत को बड़ी राहत मिलेगी।

प्रेस विज्ञप्ति जारी करने वाले: मनीष कुमार, अरविंद सिंह, मुरारी प्रसाद सिंह.

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