SIR के खिलाफ दिल्ली में कांग्रेस का प्रदर्शन, शिल्पी नेहा तिर्की समेत झारखंड के नेता शामिल
रांची/नई दिल्ली: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग के खिलाफ अपना विरोध तेज कर दिया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के आह्वान पर झारखंड प्रदेश कांग्रेस के कई नेता दिल्ली पहुंचे हैं। इनमें झारखंड सरकार की मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और विधायक शामिल हैं।
प्रमुख बातें
- SIR के विरोध में दिल्ली पहुंचे झारखंड कांग्रेस के नेता।
- राहुल गांधी के आह्वान पर विरोध प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं पार्टी के नेता और कार्यकर्ता।
- शिल्पी नेहा तिर्की समेत कई नेताओं ने निर्वाचन प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
- कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR पर रोक लगाने की मांग उठाई है।
- विपक्ष की ओर से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च कर मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम बनाया गया था।
राहुल गांधी के आह्वान पर दिल्ली पहुंचे कांग्रेस नेता
SIR को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल लगातार विरोध जता रहे हैं। इसी क्रम में राहुल गांधी ने 12 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन और सुप्रीम कोर्ट तक मार्च का आह्वान किया। इसके बाद झारखंड प्रदेश कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता भी इस विरोध कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे।
पार्टी की ओर से इस अभियान को मतदाता अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़ा मुद्दा बताया जा रहा है।
शिल्पी नेहा तिर्की ने निर्वाचन प्रक्रिया पर उठाए सवाल
झारखंड सरकार की मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने SIR प्रक्रिया को लेकर सामने आई कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि निर्वाचन आयोग को इन आरोपों पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान सामने आ रही शिकायतों का उचित समाधान होना चाहिए।
हालांकि, निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया में अनियमितताओं से जुड़े विपक्ष के आरोपों को स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। इस संबंध में संबंधित शिकायतों और आधिकारिक स्पष्टीकरण को ध्यान में रखना जरूरी है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
SIR को लेकर जारी विरोध के बीच कांग्रेस और विपक्षी दल मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठा रहे हैं। विपक्ष की प्रमुख मांगों में SIR प्रक्रिया पर रोक लगाने और मतदाता सूची से जुड़े आरोपों की जांच शामिल है।
विपक्षी नेताओं ने इस मुद्दे पर अपनी मांगें मुख्य न्यायाधीश तक पहुंचाने के उद्देश्य से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने और ज्ञापन सौंपने की योजना बनाई थी। इसे सुप्रीम कोर्ट का घेराव कहना सही नहीं होगा, क्योंकि घोषित कार्यक्रम मार्च और ज्ञापन सौंपने से संबंधित था।
दिल्ली में विरोध के बीच बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
SIR का मुद्दा अब राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। कांग्रेस इसे मतदाता अधिकारों और चुनावी पारदर्शिता से जोड़ रही है, जबकि निर्वाचन आयोग की ओर से मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर अलग पक्ष रखा गया है। ऐसे में इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।
