झारखंड में बिजली दर बढ़ोतरी पर सियासत तेज, भाजपा ने इसे ‘आर्थिक अत्याचार’ बताया
मुख्य बिंदु-
– झारखंड में बिजली दरों में 30% से 60% तक प्रस्तावित बढ़ोतरी पर भाजपा ने कड़ा विरोध जताया
– प्रतुल शाहदेव ने कहा—“यह जनता, किसानों और छोटे व्यापारियों पर आर्थिक अत्याचार है”
– किसानों के लिए बिजली दरों में 60% वृद्धि को भाजपा ने ‘किसान विरोधी फैसला’ बताया
– भाजपा ने सड़क से सदन तक विरोध का ऐलान किया
– सरकार पर चुनावी वादों से मुकरने और जनता की जेब पर बोझ डालने का आरोप
झारखंड में बिजली दरों में प्रस्तावित बढ़ोतरी से सियासी संग्राम छिड़ा
रांची- झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) द्वारा प्रस्तावित बिजली दरों में 30% से लेकर 60% तक की भारी बढ़ोतरी को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। भाजपा ने इस प्रस्ताव को जनता पर थोपे गए “जबरन आर्थिक अत्याचार” की संज्ञा दी है।
प्रतुल शाहदेव बोले—“हेमंत सरकार जनता से पूरी तरह कट चुकी है”
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि हेमंत सरकार ने आम जनता, किसानों, छोटे दुकानदारों और उद्योग–धंधों को आर्थिक संकट में धकेलने की ठान ली है। उन्होंने दावा किया—“बिजली दरों में ऐसी क्रूर वृद्धि इस बात का साफ संकेत है कि यह सरकार जनभावनाओं से पूरी तरह कट चुकी है।”
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ग्रामीण और शहरी उपभोक्ताओं पर 30% तक की मार
प्रस्तावित दरों के अनुसार ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं की बिजली दरें ₹6.70 से बढ़ाकर ₹10.20 प्रति यूनिट की जा सकती हैं, जो लगभग 30% की बढ़ोतरी है।
इसी तरह शहरी उपभोक्ताओं के लिए दरें ₹6.85 से बढ़ाकर ₹10.30 प्रति यूनिट पहुँचने की संभावना है।
प्रतुल शाहदेव ने आरोप लगाया कि मासिक फिक्स्ड चार्ज में भी भारी वृद्धि की तैयारी है, जिससे आम उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ और बढ़ जाएगा।
व्यापारियों और उद्योगों पर “टैक्स जैसा बोझ”
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कमर्शियल कनेक्शन पर बेतहाशा दर बढ़ोतरी प्रस्तावित है, जिसे उन्होंने “टैक्स जैसा बोझ” बताया।
औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए भी लगभग 30% की वृद्धि की बात सामने आई है।
प्रतुल ने चेताया कि इससे छोटे कारोबार, स्टार्टअप इकाइयाँ और औद्योगिक गतिविधियाँ प्रभावित होंगी, जिससे रोजगार पर भी असर पड़ेगा।
किसानों के लिए 60% तक बढ़ोतरी—भाजपा ने बताया ‘किसान विरोधी फैसला’
प्रतुल शाहदेव ने कहा कि सरकार ने हद तब पार की जब किसानों के लिए बिजली दरों में 60% तक की वृद्धि का प्रस्ताव रखा।
उन्होंने कहा—“यह बढ़ोतरी किसानों पर आर्थिक हमला है। यह कृषि की रीढ़ तोड़ने की साज़िश है।”
“चुनाव में मुफ्त/सस्ती बिजली का वादा, अब जनता की जेब पर वार”
भाजपा ने आरोप लगाया कि हेमंत सरकार ने चुनाव के दौरान सस्ती और मुफ्त बिजली की बात कही थी, लेकिन सत्ता में आने के बाद जनता से किए वादों को भूल गई है।
प्रतुल ने कहा—“झारखंड की जनता पहले ही बेरोजगारी और भ्रष्टाचार से परेशान है। अब बिजली दरें आसमान पर ले जाकर सरकार जनता को और संकट में डाल रही है।”
भाजपा का ऐलान—सड़क से सदन तक विरोध
प्रतुल शाहदेव ने स्पष्ट कहा कि भाजपा इस प्रस्तावित बढ़ोतरी को किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने देगी।
उन्होंने कहा—“हम सड़क से सदन तक जोरदार विरोध करेंगे। यह जनता के हित से जुड़ा मुद्दा है और हम इसे लड़ाई के रूप में उठाएँगे।”
