“सस्ती शराब नहीं, साफ़ शासन चाहिए” – मरांडी का मुख्यमंत्री पर बड़ा हमला.

झारखंड/बिहार ताज़ा ख़बर राष्ट्रीय ख़बर विधानसभा चुनाव

शराब घोटाले में बाबूलाल मरांडी के तीखे सवाल: ACB पूछताछ में सच्चाई जानने की उम्मीद जताई

मुख्य बिंदु:

  • बाबूलाल मरांडी ने ACB से पूछताछ में सटीक सवाल पूछने की मांग की

  • पूर्व उत्पाद सचिव विनय चौबे से हो रही है रिमांड पर पूछताछ

  • झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की भूमिका पर गंभीर आरोप

  • सोशल मीडिया पर उठाए 8 बड़े सवाल

  • ACB पर निष्पक्षता खोने का आरोप, स्वतंत्र एजेंसियों से जांच की अपेक्षा



बाबूलाल मरांडी ने ACB से पूछे सवाल

झारखंड में शराब घोटाले की जांच को लेकर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया पर एक लंबा पोस्ट जारी किया है। उन्होंने कहा कि अगर वाकई जांच एजेंसियों का इरादा सच्चाई सामने लाने का है, तो ACB को जेल में बंद पूर्व उत्पाद सचिव विनय चौबे से रिमांड पर पूछताछ के दौरान ये आठ सवाल जरूर पूछने चाहिए।

आठ अहम सवाल जो मरांडी ने उठाए

  1. मुख्यमंत्री को लिखा पत्र मिला या नहीं?
    छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से पहले मैंने जो पत्र मुख्यमंत्री को लिखा था, क्या वह आपको प्राप्त हुआ?

  2. पत्र पढ़ा या अलमारी में रख दिया?
    यदि पत्र मिला, तो क्या आपने उसे पढ़ा भी या केवल औपचारिकता के तौर पर अलमारी में रख दिया?

  3. पत्र पर क्या कार्रवाई की गई?
    अगर आपने पत्र पढ़ा, तो क्या उस पर कोई ठोस कार्रवाई की गई?

  4. मुख्यमंत्री कार्यालय से निर्देश आए या नहीं?
    क्या मुख्यमंत्री कार्यालय से इस पत्र को लेकर आपको कोई निर्देश मिला?

  5. रायपुर दौरे में शराब की सप्लाई किसके कहने पर हुई?
    जब झारखंड के विधायक रायपुर भ्रमण पर गए थे, तो वहां होटल तक गाड़ियों में शराब पहुँचाने का निर्देश किसने दिया?

  6. रायपुर में किन-किन लोगों से संपर्क हुआ?
    रायपुर यात्रा के दौरान आपने किन स्थानीय व्यक्तियों से संपर्क साधा?

  7. चयन में सीएम कार्यालय की भूमिका?
    Marshan Securities और Vision Hospitality जैसी कंपनियों का चयन मुख्यमंत्री या उनके कार्यालय की जानकारी के बिना संभव था?

  8. मुख्यमंत्री की भूमिका और हिस्सेदारी?
    पूरे घोटाले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की क्या भूमिका रही और कथित काली कमाई में उनकी कितनी हिस्सेदारी थी?

ACB की निष्पक्षता पर उठे सवाल

मरांडी ने यह भी कहा कि राज्य की ACB जैसी संस्था, जो निष्पक्ष होनी चाहिए, वह आज सत्ता के संरक्षण में काम करती दिख रही है। उन्होंने ACB की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर ये सवाल नहीं पूछे गए, तो भविष्य में स्वतंत्र एजेंसियाँ इन्हें जरूर उठाएंगी।

जनता को चाहिए साफ़ शासन, न कि सस्ती शराब

बाबूलाल मरांडी ने अपनी पोस्ट के अंत में तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि झारखंड की जनता को सस्ती शराब नहीं, बल्कि साफ़ और पारदर्शी शासन की जरूरत है। उन्होंने संकेत दिया कि भले ही अभी ACB कमजोर हो, लेकिन जनता की नजरें सब देख रही हैं और जवाबदेही तय होकर रहेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *