रांची में गैस सिलेंडर को लेकर प्रशासन सख्त: अब हर हाल में होगी होम डिलीवरी, कालाबाजारी पर FIR तय
रांची |
रांची जिले में एलपीजी गैस की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था और कालाबाजारी को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। बढ़ती शिकायतों और संभावित सप्लाई संकट को देखते हुए उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने समाहरणालय ब्लॉक-ए स्थित कार्यालय कक्ष में एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में गैस कंपनियों के उच्च अधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी रांची कुमार रजत और जिला आपूर्ति पदाधिकारी रामगोपाल पांडेय सहित कई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में एलपीजी गैस की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करना, उपभोक्ताओं को होम डिलीवरी की सुविधा उपलब्ध कराना और कालाबाजारी पर पूरी तरह रोक लगाना था। उपायुक्त ने साफ शब्दों में कहा कि उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और वितरण व्यवस्था पारदर्शी व व्यवस्थित रहनी चाहिए।
अब हर हाल में घर तक पहुंचेगा गैस सिलेंडर
बैठक में सबसे अहम निर्देश यह दिया गया कि 14.2 किलोग्राम एलपीजी गैस सिलेंडर की डिलीवरी हर स्थिति में उपभोक्ताओं के घर तक ही सुनिश्चित की जाएगी। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि किसी भी उपभोक्ता को गैस गोदाम या एजेंसी से सिलेंडर उठाने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कई जगहों से यह शिकायतें मिल रही थीं कि उपभोक्ताओं को खुद जाकर सिलेंडर लेना पड़ रहा है, जो पूरी तरह गलत है। अब इसे लेकर सख्ती बरती जाएगी और होम डिलीवरी को अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा।
आपात स्थिति में ही मिलेगा 5 किलो का छोटा सिलेंडर
उपायुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी उपभोक्ता को तत्काल गैस की आवश्यकता होती है, तो वह गैस एजेंसी से 5 किलोग्राम का छोटा सिलेंडर ले सकता है।
हालांकि, सामान्य परिस्थितियों में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति केवल होम डिलीवरी के माध्यम से ही की जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एजेंसियों और गोदामों पर अनावश्यक भीड़ न लगे और व्यवस्था बनी रहे।
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कालाबाजारी पर सख्त चेतावनी, FIR दर्ज होगी
बैठक के दौरान उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने कालाबाजारी को लेकर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि कोई भी व्यक्ति, गैस एजेंसी संचालक या कर्मचारी गैस सिलेंडर की कालाबाजारी, ब्लैक मार्केटिंग या निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर बिक्री करते पाए गए, तो उनके खिलाफ तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रशासन इस पूरे मामले की लगातार निगरानी कर रहा है और किसी भी तरह की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
गैस गोदामों पर पुलिस और मजिस्ट्रेट की तैनाती
गैस गोदामों में बढ़ती भीड़ और अव्यवस्था को देखते हुए प्रशासन ने सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जरूरत पड़ने पर कुछ स्थानों पर पुलिस बल और मजिस्ट्रेट की तैनाती की जाएगी ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।
साथ ही, गैस एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी परिस्थिति में गोदाम से सीधे सिलेंडर का वितरण नहीं किया जाएगा। इससे न केवल भीड़ कम होगी बल्कि पारदर्शिता भी बनी रहेगी।
आने वाले दिनों में सप्लाई पर सतर्कता, पैनिक बुकिंग से बचें
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि आने वाले दिनों में गैस की सप्लाई प्रभावित होने की संभावना हो सकती है। इसको ध्यान में रखते हुए उपायुक्त ने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे पैनिक बुकिंग (घबराहट में बार-बार बुकिंग) से बचें।
उन्होंने कहा कि उपभोक्ता अपनी निर्धारित बुकिंग सीमा के अनुसार ही गैस बुक करें, ताकि सभी को समय पर सिलेंडर मिल सके और वितरण व्यवस्था संतुलित बनी रहे।
उपभोक्ताओं के लिए अहम निर्देश: लाइन में लगने की जरूरत नहीं
जिला प्रशासन ने आम जनता के लिए स्पष्ट संदेश जारी किया है कि
गैस सिलेंडर के लिए कहीं भी लाइन में लगने की जरूरत नहीं है
सभी उपभोक्ताओं को उनके घर पर ही गैस सिलेंडर की डिलीवरी की जाएगी
केवल अत्यधिक जरूरी स्थिति में ही 5 किलोग्राम का छोटा सिलेंडर एजेंसी से लिया जा सकता है
इस कदम का उद्देश्य लोगों को अनावश्यक परेशानी से बचाना और व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखना है।
गैस कंपनियों ने दिया सहयोग का भरोसा
बैठक में मौजूद गैस कंपनियों के प्रतिनिधियों ने उपायुक्त के सभी निर्देशों का पालन करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि वे प्रशासन के साथ मिलकर काम करेंगे ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।
जिला प्रशासन ने भी यह स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं की सुविधा और गैस वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
निष्कर्ष: सख्ती के साथ व्यवस्था सुधार की कोशिश
रांची में गैस वितरण को लेकर प्रशासन का यह सख्त रुख साफ संकेत देता है कि अब किसी भी तरह की लापरवाही या गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। होम डिलीवरी को अनिवार्य बनाना, कालाबाजारी पर सख्ती और भीड़ नियंत्रण जैसे कदम आम जनता को राहत देने के उद्देश्य से उठाए गए हैं।
अब देखने वाली बात यह होगी कि इन निर्देशों का जमीनी स्तर पर कितना प्रभाव पड़ता है और उपभोक्ताओं को इसका कितना लाभ मिलता है।
