मनरेगा पर भाजपा के आरोपों पर कांग्रेस का पलटवार, आलोक दुबे ने बाबूलाल मरांडी को घेरा
रांची: मनरेगा को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी के बयान पर झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के महासचिव आलोक कुमार दुबे ने कड़ा और तथ्यों से भरा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि मनरेगा के नाम पर नैतिकता का पाठ पढ़ाने वाली भाजपा खुद देशभर में इस योजना को कमजोर करने की दोषी रही है।
आलोक कुमार दुबे ने कहा कि भाजपा नेताओं को यह बुनियादी समझ होनी चाहिए कि पूजा सिंघल को जमानत किसी सरकार की सिफारिश पर नहीं, बल्कि माननीय न्यायालय के आदेश से मिली है। जमानत और दोषमुक्ति के अंतर को न समझना या जानबूझकर भ्रम फैलाना भाजपा की ओछी राजनीति को उजागर करता है।
उन्होंने कहा कि किसी न्यायिक आदेश को सरकार की “नीयत” से जोड़ना न सिर्फ कानून, बल्कि न्यायपालिका का भी अपमान है।
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भाजपा तय नहीं करेगी दोषी–निर्दोष: कांग्रेस
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि यदि भाजपा वास्तव में भ्रष्टाचार के खिलाफ ईमानदार होती, तो उसे यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि भाजपा शासित राज्यों में जमानत पर बाहर घूम रहे नेताओं और अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती।
उन्होंने दो टूक कहा कि कौन दोषी है और कौन निर्दोष, यह तय करने का अधिकार केवल अदालत का है, न कि किसी राजनीतिक दल का।
मनरेगा पर भाजपा का रोना दिखावटी: दुबे
आलोक कुमार दुबे ने आरोप लगाया कि मनरेगा को लेकर भाजपा का रोना पूरी तरह दिखावटी है। एक ओर सार्वजनिक मंचों पर झारखंड सरकार पर आरोप लगाए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर सच्चाई यह है कि केंद्र की मोदी सरकार ने मनरेगा का बजट घटाया, मजदूरों के भुगतान में देरी कराई और तकनीकी बाधाएं खड़ी कर गरीबों को काम से वंचित किया।
उन्होंने कहा कि झारखंड में हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार मनरेगा को कमजोर नहीं, बल्कि मजबूत कर रही है। लाखों ग्रामीण, आदिवासी और गरीब परिवार आज भी इस योजना से सम्मानजनक रोजगार पा रहे हैं। यही वजह है कि भाजपा को मनरेगा में बढ़ते रोजगार के दिन और पारदर्शिता रास नहीं आ रही है।
‘सुधार’ नहीं, मजदूरों के अधिकारों पर हमला
कांग्रेस नेता ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा के नाम पर किए गए तथाकथित “सुधार” असल में मजदूरों के अधिकारों पर हमला हैं।
जॉब कार्ड सत्यापन, भुगतान में देरी, तकनीकी अड़चनें और बजट कटौती के जरिए गरीबों को काम से वंचित किया गया। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि भाजपा को रोजगार के बढ़ते दिन और सामाजिक न्याय की राजनीति खल रही है।
मनरेगा गरीबों का अधिकार, राजनीति का हथियार नहीं
आलोक कुमार दुबे ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस और झामुमो की सरकार मनरेगा को कमजोर नहीं, बल्कि और सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने भाजपा को सलाह देते हुए कहा कि योजनाओं के नाम पर दिखावटी राष्ट्रवाद छोड़कर यह जवाब दे कि केंद्र सरकार ने मनरेगा का बजट क्यों घटाया और मजदूरों का भुगतान महीनों तक क्यों रोका गया।
उन्होंने कहा कि मनरेगा गरीबों का अधिकार है, भाजपा की सस्ती राजनीति का हथियार नहीं। झारखंड की जनता सब देख रही है और समय आने पर भाजपा के इस दोहरे चरित्र का करारा जवाब देगी।
