झारखंड पर्यटन ने लॉन्च किया ‘इन्फ्लुएंसर एंगेजमेंट प्रोग्राम 2025’, 10 लाख तक मिलेगा मानदेय
प्रमुख बिंदु
झारखंड सरकार का नया कदम, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से राज्य की खूबसूरती को मिलेगा वैश्विक मंच
इन्फ्लुएंसर की कैटेगरी के अनुसार 3 लाख से 10 लाख तक का वार्षिक मानदेय
ईको-टूरिज्म, जनजातीय संस्कृति, व्यंजन और धार्मिक धरोहरों को बढ़ावा देने पर फोकस
आवेदन ईमेल के माध्यम से, पर्यटन निदेशालय ने जारी किए दिशा-निर्देश
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झारखंड की खूबसूरती को मिलेगा डिजिटल मंच
झारखंड सरकार ने राज्य की प्राकृतिक सुंदरता, प्राचीन विरासत और आदिवासी संस्कृति को दुनिया तक पहुँचाने के लिए “इन्फ्लुएंसर एंगेजमेंट प्रोग्राम 2025” शुरू किया है। इस कार्यक्रम के तहत सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को जोड़कर पर्यटन के क्षेत्र को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में पर्यटन विभाग का मानना है कि डिजिटल मीडिया के माध्यम से झारखंड की पहचान को और मजबूत किया जा सकता है। यही कारण है कि सरकार ने पहली बार सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को पर्यटन प्रचार-प्रसार का अहम हिस्सा बनाया है।
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इन्फ्लुएंसर्स के लिए मानदेय की घोषणा
झारखंड सरकार ने इन्फ्लुएंसर की पहुंच और प्रभाव के आधार पर उन्हें अलग-अलग श्रेणियों में बांटा है। इसके तहत वार्षिक मानदेय की अधिकतम सीमा तय की गई है—
Nano इन्फ्लुएंसर: ₹3,00,000
Micro इन्फ्लुएंसर: ₹5,00,000
Macro इन्फ्लुएंसर: ₹7,00,000
Mega इन्फ्लुएंसर: ₹10,00,000
भुगतान व्यूज, लाइक्स और पोस्ट की परफॉर्मेंस (पोस्ट करने के एक महीने बाद) के आधार पर किया जाएगा। इस तरह पारदर्शी प्रणाली अपनाई जाएगी।
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कौन कर सकता है आवेदन?
पर्यटन विभाग ने आवेदन के लिए स्पष्ट मानदंड तय किए हैं। जो इन्फ्लुएंसर Instagram, YouTube, Facebook या X (Twitter) जैसे प्लेटफॉर्म पर सक्रिय हैं और ट्रैवल, टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी से जुड़ी सामग्री बनाते हैं, वे आवेदन कर सकते हैं।
इस कदम से उन कंटेंट क्रिएटर्स को भी अवसर मिलेगा, जो लंबे समय से झारखंड की प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रमोट कर रहे हैं।
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किन विषयों पर होगा फोकस?
सरकार ने पर्यटन प्रचार के लिए कुछ प्रमुख क्षेत्रों को फोकस में रखा है—
ईको और एडवेंचर टूरिज्म
जनजातीय संस्कृति और परंपराएँ
धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थल
झारखंडी व्यंजन और लोककला
स्थानीय मेले और सांस्कृतिक आयोजन
इससे झारखंड की पहचान केवल खनिज राज्य के रूप में नहीं बल्कि सांस्कृतिक और प्राकृतिक विविधता वाले प्रदेश के रूप में भी स्थापित होगी।
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पोस्टिंग के लिए दिशा-निर्देश
इन्फ्लुएंसर को अपने पोस्ट में पर्यटन विभाग के ऑफिशियल हैंडल्स और हैशटैग्स का इस्तेमाल करना होगा। साथ ही, उन्हें फोटो, वीडियो, रील्स और ब्लॉग जैसी डिजिटल कंटेंट फॉर्मेट में राज्य की विशेषताओं को पेश करना होगा।
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इन्फ्लुएंसर को क्या लाभ होंगे?
ऑफिशियल सोशल मीडिया पर विशेष जगह
सरकारी कार्यक्रमों और विशेष आयोजनों में सहभागिता
राज्य स्तर पर सम्मान और मान्यता
स्थानीय व्यवसाय और पर्यटन उद्योग से जुड़ाव
दीर्घकालिक साझेदारी के अवसर
इससे इन्फ्लुएंसर को न सिर्फ आर्थिक लाभ होगा, बल्कि उनकी पहचान भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचेगी।
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आवेदन प्रक्रिया
इच्छुक इन्फ्लुएंसर अपना आवेदन jharkhand.influencer.program@gmail.com पर भेज सकते हैं। आवेदन में अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल, फॉलोअर्स की संख्या और पिछले कंटेंट के उदाहरण शामिल करने होंगे।
अधिक जानकारी के लिए पर्यटन निदेशालय, झारखंड सरकार, रांची से भी संपर्क किया जा सकता है।
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पर्यटन को नई उड़ान देने की कोशिश
झारखंड सरकार का मानना है कि आज के दौर में डिजिटल माध्यम ही प्रचार का सबसे बड़ा जरिया है। ऐसे में अगर राज्य की खूबसूरती को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सही तरह से प्रस्तुत किया जाए तो अधिक से अधिक पर्यटक आकर्षित होंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से न केवल झारखंड में पर्यटन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार और अवसर भी मिलेंगे।
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झारखंड का यह कदम देश के अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण बन सकता है। पहली बार किसी राज्य सरकार ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को इस स्तर पर मान्यता और आर्थिक सहयोग देने की घोषणा की है। इससे न केवल राज्य की छवि सुधरेगी, बल्कि पर्यटन उद्योग को भी नई दिशा मिलेगी।
