प्रमुख बिंदु
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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड शराब घोटाले में ACB की कार्रवाई पर सवाल उठाए।
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उन्होंने सरकार को 19 अप्रैल 2022 को पहले ही शराब घोटाले के बारे में चेतावनी दी थी।
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मरांडी ने कहा कि छत्तीसगढ़ के माफियाओं के साथ मिलकर झारखंड में घोटाला किया गया।
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उन्होंने ACB की जांच पर भरोसा जताने से इनकार किया और कहा कि बड़ी मछलियों को बचाने के लिए बली का बकरा बनाया जा रहा है।
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मरांडी ने मुख्यमंत्री से इस मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी की कड़ी प्रतिक्रिया
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड में शराब घोटाले को लेकर एसीबी की कार्रवाई पर आज कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भाजपा शुरू से ही इस घोटाले की तरफ इशारा करती रही है, और 19 अप्रैल 2022 को सरकार को एक पत्र लिखकर इस घोटाले की आशंका पहले ही बता दी थी।
मरांडी ने बताया कि इस पत्र में उन्होंने स्पष्ट रूप से उल्लेख किया था कि छत्तीसगढ़ के शराब माफियाओं के साथ मिलकर किन-किन लोगों को इस घोटाले में शामिल किया जाएगा। इसके बावजूद, उन्होंने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने उनकी बातों को पूरी तरह अनसुना कर दिया और बिना किसी रोक-टोक के घोटाले को अंजाम दिया।
छत्तीसगढ़ में जांच, झारखंड में अफसरों की सुरक्षा?
उन्होंने कहा कि इस घोटाले के मामले में छत्तीसगढ़ में अब ईडी और सीबीआई तक जांच पहुंच गई है, लेकिन झारखंड में एसीबी की जांच पर किसी का भरोसा नहीं है। मरांडी ने स्पष्ट किया कि यह लगता है कि छत्तीसगढ़ में चल रही सीबीआई जांच के डर से झारखंड में बड़ी मछलियों को बचाने के लिए कुछ कम महत्व के अधिकारियों को बली का बकरा बनाया जा रहा है।
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सीबीआई जांच कराने की मांग
अंत में, बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से चुनौती देते हुए कहा कि यदि वे वास्तव में शराब घोटाले की सच्चाई उजागर करना चाहते हैं और उनके पास हिम्मत है, तो इस पूरे मामले की सीबीआई जांच कराएं। तभी झारखंड की जनता को इस घोटाले के असली दोषियों तक पहुंचने का भरोसा हो सकेगा।
