हेमंत सोरेन से यूनिसेफ प्रतिनिधियों की मुलाकात: झारखंड में बच्चों के विकास को लेकर हुआ संवाद
मुख्य बिंदु:
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यूनिसेफ की भारत प्रमुख सिंथिया मेककेफरी ने की शिष्टाचार भेंट
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बाल अधिकार, शिक्षा और स्वास्थ्य पर राज्य सरकार से समन्वय की इच्छा
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मुख्यमंत्री ने बच्चों के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई
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यूनिसेफ को राज्य सरकार से हर संभव सहयोग का आश्वासन
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कुपोषण और स्वास्थ्य समस्याओं पर मिलकर काम करने का संकल्प
यूनिसेफ प्रतिनिधिमंडल ने की मुख्यमंत्री से मुलाकात
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मंगलवार को यूनिसेफ (UNICEF) की भारत में प्रतिनिधि सुश्री सिंथिया मेककेफरी ने उनके आवासीय कार्यालय में शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने झारखंड में बच्चों के समग्र विकास के लिए यूनिसेफ द्वारा संचालित योजनाओं और गतिविधियों की जानकारी दी।

बाल अधिकार और शिक्षा-स्वास्थ्य पर फोकस
यूनिसेफ प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि बाल अधिकारों की रक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और बच्चों के व्यक्तित्व विकास के लिए एक सकारात्मक वातावरण तैयार करने में राज्य सरकार और यूनिसेफ मिलकर काम करें। इसके लिए यूनिसेफ राज्य के संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाना चाहता है।

मुख्यमंत्री ने यूनिसेफ के कार्यों को सराहा
मुख्यमंत्री ने यूनिसेफ के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार बच्चों के समग्र विकास को लेकर पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जब तक बच्चे स्वस्थ और सुरक्षित नहीं होंगे, तब तक उनके विकास की बात अधूरी रहेगी।
कुपोषण हटाने के लिए सरकार कर रही गंभीर प्रयास
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार कुपोषण और बच्चों से जुड़ी अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को दूर करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने यूनिसेफ को इस दिशा में सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।
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बच्चों को बेहतर भविष्य देने की साझा प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री ने कहा, “हम सबका उद्देश्य है कि झारखंड के बच्चों को एक बेहतर जीवन मिले। इसके लिए सरकार, यूनिसेफ और समाज के अन्य हिस्सों को मिलकर प्रयास करना होगा।”
बैठक में अन्य अधिकारी भी रहे मौजूद
इस अवसर पर यूनिसेफ झारखंड की प्रमुख श्रीमती कननिका मित्रा और कम्युनिकेशन स्पेशलिस्ट श्रीमती आस्था अलंग भी उपस्थित थीं।
