वित्त रहित शिक्षकों का महाधरना 5 अगस्त को, विधानसभा के समक्ष होगी बड़ी जुटान.

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वित्त रहित शिक्षकों की मांगों को लेकर 5 अगस्त को विधानसभा के समक्ष महाधरना, सरकार को दी चेतावनी

मुख्य बिंदु 

5 अगस्त को विधानसभा के समक्ष होगा एक दिवसीय महाधरना

75% अनुदान वृद्धि, राज्यकर्मी का दर्जा और बकाया भुगतान की मांग

सत्र विस्तार और शासी निकाय विवाद पर शिक्षा विभाग पर आरोप

आंदोलन के बाद भी सुनवाई नहीं हुई तो होगा राजभवन घेराव

संस्कृत शिक्षक पीले वस्त्र, मदरसा शिक्षक उजली टोपी में होंगे शामिल

महाधरना की तैयारियाँ पूर्ण, राज्यभर से शिक्षक होंगे शामिल



वित्त रहित शिक्षकों का बड़ा आंदोलन 5 अगस्त को, सरकार से तीन प्रमुख मांगें

रांची, 03 अगस्त 2025:
झारखंड के वित्त रहित शिक्षण संस्थानों से जुड़े शिक्षक और कर्मचारी अपनी वर्षों से लंबित मांगों को लेकर अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। वित्त रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने विधानसभा सत्र के दौरान 5 अगस्त को राजधानी रांची में एक दिवसीय महाधरना का ऐलान किया है।

राज्यभर के हजारों शिक्षक-कर्मचारी विधानसभा के समक्ष एकजुट होंगे और अपनी मांगों को सरकार के समक्ष रखेंगे। इस धरने को लेकर तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं और सभी जिलों से शिक्षकों के जत्थे रांची पहुंचने को तैयार हैं।

तीन प्रमुख मांगें जो आंदोलन की वजह बनीं

संघर्ष मोर्चा ने सरकार के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखी हैं:

1. अनुदान में 75% की वृद्धि

2. राज्यकर्मी का दर्जा प्रदान किया जाए

3. 12% बकाया अनुदान का अविलंब भुगतान

 

संघ के नेताओं का कहना है कि ये मांगें वर्षों से लंबित हैं और सरकार बार-बार आश्वासन देकर इन्हें टालती रही है।

शासी निकाय और सत्र विस्तार को लेकर भी नाराजगी

संघर्ष मोर्चा ने आरोप लगाया है कि स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग जानबूझकर शासी निकायों को अस्वीकार कर रहा है, जबकि झारखंड अधिविध परिषद अधिनियम 2002 और 2006 के अनुसार यह अधिकार जैक को है।

मार्च माह में अनुदान वितरण के समय इन्हीं निकायों को मान्यता दी गई थी, तो अब विरोध क्यों? इसपर शिक्षकों में भारी असंतोष है।

दो दर्जन स्कूलों का अनुदान रोका गया

संघर्ष मोर्चा ने बताया कि सत्र विस्तार को लेकर लगभग दो दर्जन स्कूलों का अनुदान रोक दिया गया है, जबकि पूर्व में राज्य सरकार और मंत्री परिषद द्वारा विस्तार को स्वीकृति दी जाती रही है। इस निर्णय को अनुचित और नियम विरुद्ध बताया गया है।

आंदोलन की अगली कड़ी में होगा राजभवन घेराव

संघर्ष मोर्चा ने स्पष्ट किया है कि यदि 5 अगस्त के धरने के बाद भी सरकार ने कोई ठोस निर्णय नहीं लिया, तो अगला कदम राजभवन घेराव होगा।

सांकेतिक परिधान में शिक्षक करेंगे प्रदर्शन

महाधरना में शामिल शिक्षकों को विशेष परिधान में रहने का निर्देश दिया गया है।

संस्कृत शिक्षक पीले वस्त्र पहनेंगे

मदरसा शिक्षक उजली टोपी पहनकर आएंगे
इससे उनकी पहचान और मांगें और अधिक स्पष्ट तरीके से सरकार और मीडिया तक पहुंच सकेंगी।

 

जैक के अधिकारों की अवहेलना पर हाईकोर्ट जाने की चेतावनी

संघर्ष मोर्चा ने कहा है कि इंटरमीडिएट कॉलेजों में सीट बढ़ोतरी का अधिकार जैक को है, जिसे झारखंड उच्च न्यायालय भी मान्यता दे चुका है। यदि विभाग इस निर्णय को नहीं मानता, तो मोर्चा न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगा।

आंदोलन की रणनीति बनी, पदाधिकारी रहे मौजूद

महाधरना की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए हुई अध्यक्ष मंडल की बैठक की अध्यक्षता श्री गणेश महतो ने की। बैठक में राज्यभर से आए प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे।
प्रेस को जानकारी देने वालों में मनीष कुमार, अरविंद सिंह एवं मुरारी प्रसाद सिंह शामिल थे।

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