55 वांछित नक्सलियों पर सरकार ने घोषित किया इनाम, एक पर ₹1 करोड़ तक का एलान
मुख्य बिंदु:
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झारखंड और बिहार में सक्रिय 55 इनामी नक्सलियों की सूची जारी
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एक माओवादी पर ₹1 करोड़, तीन पर ₹25 लाख का इनाम
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CPI (माओवादी), PLFI, TPC, JPC, JJMP जैसे संगठन सूची में शामिल
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सरेंडर करने वालों को नीति के तहत लाभ देने का प्रावधान
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पुलिस-प्रशासन ने आम जनता से सहयोग की अपील की
राज्य सरकार का बड़ा कदम: वांछित नक्सलियों की नई सूची जारी
रांची, 18 जुलाई 2025– झारखंड और बिहार में नक्सल हिंसा को समाप्त करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। इस क्रम में गृह विभाग ने कुल 55 वांछित नक्सलियों की सूची जारी करते हुए उन पर इनामी राशि घोषित की है।
इस सूची में अलग-अलग संगठनों से जुड़े उग्रवादियों के नाम शामिल हैं, जिनमें CPI (माओवादी), पीएलएफआई, टीपीसी, जेपीसी और जेजेपीएम जैसे बड़े संगठन प्रमुख हैं।
राज्य सरकार का बड़ा एक्शन: नक्सलियों पर 1 करोड़ तक का इनाम घोषित.
सबसे बड़ा इनाम – ₹1 करोड़ का माओवादी पर
गृह विभाग द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक, सूची में शामिल एक माओवादी पर ₹1 करोड़ का इनाम घोषित किया गया है। वहीं, तीन अन्य वांछित नक्सलियों पर ₹25 लाख और कई अन्य पर ₹15 लाख से ₹2 लाख तक का इनाम रखा गया है।
यह कदम सुरक्षा बलों को इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए और अधिक सशक्त बनाएगा।
इनाम के साथ सरेंडर की छूट भी
हालांकि सरकार ने इनाम घोषित किया है, लेकिन साथ ही साथ इन नक्सलियों को सरेंडर और पुनर्वास नीति का लाभ लेने का अवसर भी दिया है।
यदि ये वांछित नक्सली आत्मसमर्पण करते हैं तो उन्हें नीति के तहत सरकारी योजनाओं और सहायता का लाभ मिल सकता है।
जनता से सहयोग की अपील, सूचना देने पर गोपनीयता का वादा
सरकार और पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे यदि इन वांछित नक्सलियों की कोई सूचना रखते हैं, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
इस दौरान सूचना देने वालों की पहचान को पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा। पुलिस ने कहा है कि नक्सलवाद की समाप्ति के लिए जन-सहयोग आवश्यक है।
झारखंड-बिहार में माओवादी नेटवर्क को तोड़ने की मुहिम
हाल के वर्षों में सुरक्षा बलों ने कई बड़ी कार्रवाइयों में माओवादी कैडर को नुकसान पहुंचाया है। इस सूची को जारी करने का उद्देश्य शेष सक्रिय शीर्ष नेतृत्व को निशाने पर लेना और नक्सल नेटवर्क को तोड़ना है।
विशेष पुलिस बल, CRPF, और राज्य पुलिस इस सूची के आधार पर ऑपरेशन तेज करेंगे।
सरकार का यह कदम स्पष्ट करता है कि अब नक्सली हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इनाम के साथ-साथ आत्मसमर्पण का विकल्प यह भी दर्शाता है कि सरकार पुनर्वास और शांति दोनों को प्राथमिकता दे रही है।
